आईपीएल के जरिए कई खिलाड़ियों ने बीते कुछ सालों में टीम इंडिया में जगह बनाई है. सिर्फ टी20 फॉर्मेट ही नहीं, बल्कि कुछ खिलाडियों ने तो इसके जरिए वनडे और यहां तक कि टेस्ट फॉर्मेट में भी डेब्यू किया है. इतना ही नहीं, आईपीएल कई बार उन खिलाड़ियों की वापसी का भी जरिया बना है, जिनके लिए टीम के दरवाजे बंद होते नजर आ रहे थे. उम्मीद की ऐसी ही एक किरण उस खिलाड़ी के लिए भी चमकती दिख रही है, जिसे अचानक ही टीम से बाहर कर दिया गया. ये हैं स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, जिन्होंने आईपीएल 2026 की 48 गेंदों में ही जलवा दिखा दिया है.
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद बाहर हुए शमी
टेस्ट और वनडे क्रिकेट में करीब एक दशक से टीम इंडिया की गेंदबाजी का अहम हिस्सा रहे मोहम्मद शमी का इंटरनेशनल क्रिकेट अचानक ही ढलान पर दिखने लगा है. वर्ल्ड कप 2023 में सबसे ज्यादा विकेट लेकर कई रिकॉर्ड तोड़ने वाले शमी उसके बाद से ही जबरदस्त उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं. वर्ल्ड कप फाइनल की चोट के कारण वो एक साल तक टीम से बाहर रहे और फिर जब वापस आए भी तो चैंपियंस ट्रॉफी जिताने के बाद फिर उनकी छुट्टी हो गई.
बीते एक साल से शमी इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हैं लेकिन वो फिर भी बार-बार मैदान पर उतरकर खुद को साबित करते रहे हैं. रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने के बाद शमी अब यही काम आईपीएल 2026 में भी कर रहे हैं. शमी ने इस सीजन के शुरुआती 2 मुकाबलों में ही नई गेंद से ऐसा कहर बरपाया, जिसने बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं. उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अपने 8 ओवर की गेंदबाजी से साबित कर दिया कि उनमें अभी आग बाकी है.
सिर्फ 48 गेंदों में खुद को किया साबित
दिल्ली के खिलाफ शमी ने पहली ही गेंद पर केएल राहुल का विकेट झटक लिया था. उस मैच में उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 28 रन खर्चे थे. मगर अगले मैच में तो उनको खेल पाना बेहद मुश्किल रहा. पिछले सीजन तक जिस हैदराबाद के लिए वो मैदान पर उतरे, इस बार उसी टीम पर कहर बरपाया. शमी ने सिर्फ 7 गेंदों के अंदर अभिषेक शर्मा (0) और ट्रेविस हेड (1) की विस्फोटक ओपनिंग जोड़ी को ध्वस्त कर दिया. इसके बाद आए हेनरिख क्लासन और ईशान किशन जैसे बल्लेबाज भी उन्हें नहीं खेल पाए.
अपने 4 ओवर में उन्होंने सिर्फ 9 रन दिए और 2 विकेट लिए. कुल मिलाकर शमी ने इन दो मुकाबलों में 48 गेंदें की, जिसमें उन्होंने सिर्फ 37 रन दिए और 3 विकेट लिए. मगर सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने इन 48 में से 30 गेंदों पर कोई रन नहीं दिया. इसमें से 18 डॉट बॉल तो हैदराबाद के खिलाफ ही आईं.
वर्ल्ड कप से पहले टीम में होगी वापसी?
शमी की फिटनेस और फॉर्म का हवाला देकर पिछले एक साल में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने उन्हें सेलेक्ट नहीं किया था, जबकि हेड कोच गौतम गंभीर ने इस मामले पर कुछ नहीं कहा था. मगर आईपीएल के इन 2 मैच में ही शमी ने बता दिया कि वो अभी भी उतने ही तैयार हैं, जितने वर्ल्ड कप 2023 के वक्त थे. तब शमी ने सिर्फ 7 मैच में ही सबसे ज्यादा 23 विकेट लिए थे.
भले ही अगला वर्ल्ड कप अभी डेढ़ साल दूर हो लेकिन IPL में अपनी लय दिखाकर शमी ने ये साबित तो किया है कि वो टीम में वापसी के हकदार हैं. कम से कम उन्हें वर्ल्ड कप 2027 के लिए एक आखिरी मौका दिया जाना चाहिए. अब सवाल ये है कि क्या अगरकर-गंभीर उन्हें आईपीएल के बाद होने वाली वनडे सीरीज में मौका देते हैं या फिर अब दरवाजे हमेशा के लिए बंद हैं?