Michael Phelps: कभी पानी से लगता था डर, फिर स्वीमिंग में बनाए 39 वर्ल्ड रिकॉर्ड, ओलंपिक में जीते 23 गोल्ड

Michael Phelps Story: जैसे जमीन पर दौड़ने में उसेन बोल्ट का राज कायम रहा है. वैसे पानी में तैरने में माइकल फेल्प्स ने अपनी पहचान बनाई है. वो जब तक स्विमिंग की दुनिया में एक्टिव रहे, उनके नाम का डंका दुनिया के कोने-कोने में बजता रहा. मजेदार बात ये भी है कि जिस माइकल फेल्प्स को दुनिया भर में उनकी तैराकी के लिए जाना गया, वो कभी पानी से बहुत डरा करते थे. लेकिन, वो कहते हैं ना कि डर के आगे जीत है. माइकल फेल्प्स ने जीवन में अपनी जीत की वही कहानी लिखी है. वो अमेरिका से निकलकर पूरी दुनिया में छाए, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का अंबार लगाया और मेडल्स का ढेर. इन सबके साथ वो ओलंपिक इतिहास के सबसे महान एथलीट करार दिए गए.

माइकल फेल्प्स ने कैसे शुरू की तैराकी?

माइकल फेल्प्स का जन्म 30 जून 1985 को अमेरिका के बाल्टीमोर, मैरीलैंड में हुआ था. इसीलिए उन्हें तैराकी की दुनिया में “बाल्टीमोर बुलेट” के नाम से जाना जाता है. माइकल फेल्प्स का तैराकी से जुड़ाव बचपन से ही शुरू हो गया था. वे तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे थे, और उनकी दो बड़ी बहनें हिलेरी और व्हिटनी पहले से ही तैराकी में करियर संवारने में लगी थीं. जब वो 7 साल के हुए तो उनके माता-पिता उन्हें भी स्विमिंग क्लासेस भेजना शुरू कर दिया. इसके पीछे का मकसद तो उन्हें सिर्फ तैराकी सिखाना था. लेकिन, किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था. फेल्प्स पर स्विमिंग का ऐसा भूत चढ़ा कि वो उसमें रम गए और इस खेल में ही अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया.

जिससे डर था, उसी के आगे लिखी जीत की कहानी

माइकल फेल्प्स जब छठी क्लास में पढ़ते थे तब उनके पानी से डरने का पता चला था. पता चला कि फेल्प्स को ADHD यानी अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर है. इस बीमारी से जूझ रहे लोगों को पानी में चेहरा डुबोने में डर लगता है. लेकिन फेल्प्स ने उस डर को अपनी ताकत बना लिया. उन्होंने बैकस्ट्रोक से अपनी स्विमिंग की शुरुआत की.

सबकुछ भुलाकर लगातार की गई ट्रेनिंग ने बनाया महान

माइकल फेल्प्स ट्रेनिंग के दौरान 13 किलोमीटर रोज तैरते थे, हफ्ते में वो 6 या 7 भी तैरते थे. एक बार उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी ट्रेनिंग स्किप नहीं की, यहां तक कि क्रिसमस और जन्मदिन पर भी नहीं. बीजिंग ओलंपिक से पहले उनके 12,000 कैलोरी खाने की अफवाह उड़ी थी, जिस पर उन्होंने कहा था कि 12000नहीं, वो 8,000-10,000 था. कैलोरी की ये मात्रा एक आम आदमी के लिए सिफारिश की गई 2,500 कैलोरी से चार गुना ज्यादा थी.

माइकल फेल्प्स का करियर या उपलब्धियों का पिटारा

माइकल फेल्प्स का करियर उपलब्धियों का पर्याय है.उन्होंने अपने करियर में 39 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए, कुल 83 मेडल जीते, जिसमें 66 गोल्ड हैं. 83 मेडल में से 28 उन्होंने सिर्फ ओलंपिक्स में जीते हैं और उन 28 में से 23 गोल्ड हैं.

माइकल फेल्प्स ने 4 ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लिया और हर बार इतिहास रचा. सिडनी 2000 में मेडल से चूकने के बाद उन्होंने एथेंस 2004 में 6 गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते. बीजिंग 2008 में उन्होंने रिकॉर्ड 8 गोल्ड अपने नाम किए थे. ऐसा कर उन्होंने मार्क स्पिट्ज के एक ही ओलंपिक में 7 गोल्ड के जीतने का रिकॉर्ड बनाया था.

माइकल फेल्प्स को कहां मिली कितनी कामयाबी?

अब सवाल है कि माइकल फेल्प्स ने कितने मेडल कहां पर जीते हैं? ओलंपिक गेम्स में उन्होंने 23 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज के साथ 28 मेडल जीते हैं. वर्ल्ड चैंपियनशिप्स के अंदर माइकल फेलप्स ने 27 गोल्ड जीते हैं. उसके अलावा 6 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज भी जीता. पैन पैसिफिक चैंपियनशिप्स में भी माइकल फेलप्स के नाम 21 मेडल हैं, जिसमें 5 सिल्वर के अलावा 16 गोल्ड है.

बीते 10 सालों में माइकल फेल्प्स की नेटवर्थ टाइम लाइन

माइकल फेल्प्स के नेटवर्थ की बात करें तो बीते 10 साल में उसमें उछाल देखने को मिला है. फॉर्च्यून की रिपोर्ट के मुताबिक माइकल फेल्प्स का नेटवर्थ 2016 में जहां 352 से 396 करोड़ (44 मिलियन डॉलर) था, वो बढ़कर 2021 में 80 मिलियन डॉलर यानी ₹660 – ₹670 करोड़ हो गया. 2025 में माइकल फेल्प्स की नेटवर्थ 100 मिलियन डॉलर यानी 903 करोड़ रुपये तक आंकी गई है.

माइकल फेल्प्स ने अपने करियर में कुछ गलतियां भी कीं. 2009 में मारिजुआना यूज का विवाद और 2014 में ड्रंक ड्राइविंग विवाद उसी का उदाहरण है. लेकिन वो कहते हैं ना हर गलती कुछ ना कुछ सिखाती है. फेल्प्स ने भी अपनी गलतियों से सबक लिया. वे अब मेंटल हेल्थ एडवोकेट हैं और अपनी फाउंडेशन के जरिए बच्चों की मदद करते हैं.