Inderjit Singh Bindra: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष आईएस बिंद्रा का दिल्ली में निधन हो गया. वो 84 साल के थे. बिंद्रा ने 4 दशक तक भारतीय क्रिकेट की सेवा की और उनके योगदान ने भारतीय क्रिकेट को काफी मजबूत बनाया. बिंद्रा को पंजाब में आधुनिक क्रिकेट की नींव रखने का श्रेय दिया जाता है. पूर्व आईएएस अधिकारी से क्रिकेट प्रशासक बने बिंद्रा ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर लंबा वक्त गुजारा और इस प्रदेश के क्रिकेट को फर्श से अर्श पर पहुंचाने का श्रेय बिंद्रा को ही जाता है. आइए आपको बताते हैं आईएस बिंद्रा के वो फैसले जिसने भारतीय क्रिकेट की दशा और दिशा बदली.
क्रिकेट वर्ल्ड कप इंडिया में लेकर आए
आईएस बिंद्रा ने जगमोहन डालमिया और एनकेपी साल्वे के साथ मिलकर 1987 और 1996 के क्रिकेट वर्ल्ड कप का आयोजन भारतीय उपमहाद्वीप में कराया. 1987 का वर्ल्ड कप पहली बार इंग्लैंड से बाहर आयोजित हुआ और 1996 में भी पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ मिलकर इसका आयोजन किया गया. बिंद्रा के इस एफर्ट ने भारत को क्रिकेट की राजनीति और इकोनॉमिक सेंटर के तौर पर स्थापित किया.
भारतीय क्रिकेट टीम के मैचों के प्रसारण को दिया नया मंच
आईएस बिंद्रा ने 1994 में सुप्रीम कोर्ट में दूरदर्शन की एकाधिकार को चुनौती दी, जिससे निजी और वैश्विक प्रसारकों को भारतीय क्रिकेट मैचों के प्रसारण का अधिकार मिला. इससे बीसीसीआई की आय काफी ज्यादा बढ़ गई. क्रिकेट के बिजनेस को उन्होंने एक अलग लेवल पर पहुंचाया.
आईपीएल की स्थापना में सलाहकार
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आईपीएल की स्थापना में भी आईएस बिंद्रा का बड़ा हाथ रहा है. बिंद्रा आईपीएल के गठन में सलाहकार रहे, जिसने भारतीय क्रिकेट को दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बना दिया.
पंजाब क्रिकेट में योगदान
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने पंजाब क्रिकेट को दोबारा जिंदा किया. 1978 में जब उन्होंने पीसीए की कमान संभाली तब उसकी हालत काफी खराब थी लेकिन उन्होंने इसे नेशनल लेवल पर मजबूत बनाया. मोहाली में पीसीए स्टेडियम का निर्माण उन्होंने ही कराया.