नई दिल्ली: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान MS धोनी ने आईपीएल में टीम के हालिया संघर्ष और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की सफलता पर खुलकर बात की है। बेंगलुरु में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान धोनी ने माना कि चेन्नई पिछले दो वर्षों में संघर्ष करती रही है और टीम को अपनी कमियों पर काम करना होगा।
धोनी ने मानी CSK की कमजोरियां, RCB की सफलता की तारीफ की
एमएस धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स के हालिया प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि टीम पिछले दो वर्षों में संघर्ष कर रही है, जबकि आरसीबी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो साल में हमने संघर्ष किया है और यह एक सच्चाई है। इससे मुंह मोड़ने का कोई मतलब नहीं है। आरसीबी ने वास्तव में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।’ धोनी के मुताबिक, किसी भी टीम के लिए अच्छे और बुरे दौर आते हैं, लेकिन असली बात यह है कि टीम मुश्किल समय से बाहर निकलने के लिए क्या कदम उठाती है।
‘बुरे समय में ही टीम के चरित्र की असली परीक्षा होती है’
धोनी ने कहा कि जीत के दौरान टीम की कमियां कई बार सामने नहीं आ पातीं, लेकिन हार का दौर खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को अपनी गलतियां पहचानने का मौका देता है। उन्होंने कहा, ‘जब हम जीत रहे होते हैं, तब हमें पता होता है कि एक समय ऐसा भी आएगा जब हम हारना शुरू करेंगे। असली परीक्षा तब होती है, जब आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे होते।’ उनके मुताबिक, ऐसे समय में टीम को अपनी रणनीति सुधारने, खिलाड़ियों की भूमिकाएं स्पष्ट करने और कमजोरियों पर काम करने की जरूरत होती है।
RCB से क्या सीख सकती है चेन्नई सुपर किंग्स?
आरसीबी की हालिया सफलता का जिक्र करते हुए धोनी ने संकेत दिया कि टीम को अपनी ताकत पहचानकर उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए। चेन्नई के लिए जरूरी होगा कि वह खिलाड़ियों की भूमिकाओं में स्पष्टता लाए और दबाव के समय बेहतर फैसले करे। लगातार अच्छे नतीजे हासिल करने के लिए सही संयोजन, रणनीति और टीम के भीतर तालमेल अहम होते हैं। हालांकि, धोनी ने आरसीबी की किसी एक खास रणनीति को अपनाने की बात नहीं कही, बल्कि मुश्किल समय में सुधार करने के महत्व पर जोर दिया।
‘हमारा काम दर्शकों का मनोरंजन करना है’
CSK और RCB की प्रतिद्वंद्विता पर बात करते हुए धोनी ने उम्मीद जताई कि आईपीएल 2027 में दोनों टीमों के बीच एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अगली बार भी एक करीबी मुकाबला होगा, ताकि 2027 में जब हम यहां आएं तो कह सकें कि एक और शानदार मैच हुआ, जिसने दर्शकों को खूब आनंद दिया। आखिरकार, हम मनोरंजन करने वाले हैं और यहां लोगों का मनोरंजन करने आते हैं।’ धोनी की इस टिप्पणी ने खेल के मनोरंजन और दर्शकों के अनुभव को लेकर उनका नजरिया भी सामने रखा।
IPL 2026 में नहीं खेले धोनी, 2025 में बनाए थे 196 रन
धोनी की फिटनेस को लेकर चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक वह पिंडली की चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण आईपीएल 2026 में एक भी मुकाबला नहीं खेल पाए थे। इससे पहले आईपीएल 2025 में उन्होंने चेन्नई के लिए सभी 14 मैच खेले और 13 पारियों में बल्लेबाजी की। इस दौरान उन्होंने 196 रन बनाए, उनका सर्वोच्च स्कोर 30 रहा और स्ट्राइक रेट 135.17 था। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए धोनी की भूमिका मुख्य रूप से अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की रही थी।
IPL 2023 के बाद CSK का प्रदर्शन लगातार गिरा
चेन्नई सुपर किंग्स ने 2023 में गुजरात टाइटंस को फाइनल में हराकर अपना पांचवां आईपीएल खिताब जीता था। हालांकि, इसके बाद टीम को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आईपीएल 2024 में चेन्नई सात जीत और सात हार के साथ 14 अंक लेकर पांचवें स्थान पर रही और नेट रन रेट के आधार पर प्लेऑफ से चूक गई। आईपीएल 2025 में टीम का प्रदर्शन और खराब रहा, जब उसने केवल चार मैच जीते और 10 मुकाबले गंवाकर अंक तालिका में आखिरी स्थान हासिल किया।
क्या धोनी की वापसी CSK के लिए साबित होगी निर्णायक?
आईपीएल 2027 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के सामने दो बड़े सवाल हैं—टीम मैदान पर अपनी पुरानी लय कैसे हासिल करेगी और क्या एमएस धोनी एक और सीजन खेलेंगे? धोनी ने फिलहाल अपने भविष्य पर अंतिम फैसला नहीं दिया है, लेकिन उनकी टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि वह फिटनेस को प्राथमिकता देंगे। यदि वह खेलने के लिए फिट पाए जाते हैं और टीम में बने रहते हैं, तो उनका अनुभव चेन्नई के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, टीम की वापसी केवल एक खिलाड़ी पर नहीं, बल्कि पूरे संयोजन, रणनीति और सामूहिक प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।