IPL 2026: अधूरे सपने को पूरा करने उतरेगा ‘सरपंच’ का पंजाब, पिछले सीजन खिताब से रह गई थी दूर

वि अटवाल, चंडीगढ़ जागरण। इंडियन प्रीमियर लीग का नया सीजन बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। पिछले सीजन एक टीम ने अपने प्रदर्शन के साथ सभी को चौंका दिया था, वह थी पंजाब किंग्‍स।

लगातार कई सीजन तक प्ले ऑफ में भी जगह न बना पाने वाली पंजाब किंग्‍स पिछले सीजन फाइनल तक पहुंच गई थी। हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद पंजाब किंग्‍स ट्रॉफी जीत नहीं सकी थी और फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से छह रनों से हार गई थी।

नए जोश और मजबूत इरादों के साथ उतरेगी टीम

पिछले साल पहली बार टीम की कमान अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को मिली थी और उन्होंने कुशल नेतृत्व की मिसाल पेश की थी। खिताब से चूकने वाली पंजाब किंग्‍स इस बार भी नए जोश और मजबूत इरादों के साथ मैदान में उतरेगी। सरपंच यानी कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में टीम का लक्ष्य साफ है अधूरे सपने को पूरा कर पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम करना।

पिछले साल पंजाब किंग्‍स लीग राउंड में शीर्ष पर रही थी। पंजाब ने पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक 3140 रन भी बनाए थे। टीम की बल्लेबाजी इतनी मजबूत थी कि पांच बल्लेबाजों ने 300 से अधिक रन बनाए थे। टीम की बल्लेबाज इस बार भी बड़ी ताकत है। पिछले सीजन कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के लिए सर्वाधिक 604 रन बनाए थे।

उनके अलावा प्रभसिमरन सिंह (549 रन), प्रियांश आर्या (475 रन), नेहल वढेरा (369 रन) और शशांक सिंह (350 रन) ने टीम की बल्लेबाजी को मजबूती और गहराई दी थी। इस बार भी यही बल्लेबाजी पंजाब की सबसे बड़ी ताकत नजर आ रही है। पंजाब किंग्‍स टीम इस सीजन अपना पहला मैच 31 मार्च को गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुल्लांपुर के क्रिकेट स्टेडियम में खेलेगी।

मध्यक्रम में मजबूत ऑलराउंडर

टीम का मध्यक्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है। मध्यक्रम में तूफानी बल्लेबाज शशांक सिंह के साथ खतरनाक ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस और अजमतुल्लाह ओमरजई टीम की बल्लेबाजी में गहराई दे सकते हैं। आखिरी ओवरों में यह खिलाड़ी अपने तूफानी अंदाज से किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकते हैं। स्टोइनिस के अनुभव का टीम को काफी फायदा हो सकता है। वह गेंदबाजी में भी टीम को सफलता दिला सकते हैं।

गेंदबाजी में भी धार

टीम की गेंदबाजी में काफी धार नजर आ रही है। लेफ्ट आर्म पेसर अर्शदीप सिंह इस समय शानदार फार्म में है। उन्होंने पिछले सीजन भी सर्वाधिक 21 विकेट लिए थे और इस बार भी वही टीम का गेंदबाजी आक्रमण संभालेंगे। डेथ ओवरों में अपनी स्टीक यार्कर के साथ वह बल्लेबाजों को काफी परेशान कर सकते हैं। वहीं, अफ्रीकी तेज गेंदबाज मार्को जेनसेन से उन्हें अच्छा साथ मिल सकता है।

जेनसेन के पास अच्छा उछाल है और वह पावरप्ले में विपक्षी टीमों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। तेज गेंदबाजी में लाकी फग्र्यूसन भी टीम को मजबूती देंगे। हालांकि पारिवारिक कारणों के चलते वह शुरुआती चरण में उपलब्ध नहीं होंगे। इसके बावजूद टीम के पास जेवियर बार्टलेट, बेन ड्वारशस, विजय कुमार विशाक और यश ठाकुर के रूप में अच्छे विकल्प मौजूद हैं। वहीं, अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल की मौजूदगी ने टीम को और मजबूत बना दिया है।

लगातार 10 साल ग्रुप स्टेज से ही हुए बाहर

पिछले सीजन से पहले पंजाब किंग्‍स का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहा था। 2025 से पहले लगातार 10 साल टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर होती रही। टीम 2024 में नौवें, 2023 में आठवें, 2022 में छठे, 2021 में छठे, 2020 में छठे, 2019 में भी छठे, 2018 में सातवें, 2017 में पांचवें, 2016 में आठवें और 2015 में भी आठवें स्थान पर रही थी। टीम 2014 में फाइनल में पहुंची थी और तब कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों हरा का सामना करना पड़ा था।

पंजाब किंग्‍स की टीम

श्रेयस अय्यर(कप्तान), प्रभसिमरन सिंह, शशांक सिंह, मार्कस स्टायनिस, नेहल वढेरा, मार्को यान्सिन, हरप्रीत बराड़, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, अजमतुल्लाह उमरजई, प्रियांश आर्या, पायला अविनाश, जेवियर बार्टलेट, प्रवीण दुबे, लाकी फग्र्यूसन, मुशीर खान, सूर्यांश शेडगे, हरनूर सिंह, यश ठाकुर, विजय कुमार विशाक, विष्णु विनोद, बेन ड्वारशस, कूपर कोनोली, मिचेल ओवन, विशाल निषाद।

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