LPG- IPL: अमेरिका और इजराइल की ईरान के साथ चल रहे युद्ध के असर से भारत भी अछूता नहीं रहा है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर ये बयान जारी किया कि ईंधन आपूर्ति की बाध्यताओं की वजह से घरेलू और आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को LPG की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी. अब इसका असर IPL 2026 पर भी पड़ने की संभावना है. हालांकि, BCCI इस पूरे हालात पर नजर बनाए हैं.
हालात के मुताबिक लेंगे फैसला- अरुण धूमल
IPL के गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा है कि मामले की गंभीरता पर नजरें लगातार बनी हैं. धूमल ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि हम हालात की समीक्षा कर रहे हैं. युद्ध में हर दिन कुछ ना कुछ नया डेवलप हो रहा है, इसलिए फिलहाल कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता. अगले कुछ दिनों IPL 2026 शुरू होने वाला है. उस वक्त तक जैसी भी परिस्थितियां होंगी, उसकी गंभीरता को देखते हुए हम फैसला करेंगे.
IPL 2026 का आगाज 28 मार्च से होना है. हालांकि, अभी उसके शेड्यूल की घोषणा नहीं की गई है. BCCI कई राज्यों में होने वाले चुनावों के साथ टकराव से बचने के लिए सभी बारीकियों पर काम कर रहा है. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते जो मौजूदा स्थिति है, वो अगर आगे भी जारी रहती है, तो BCCI और IPL को एक किसी नतीजे पर पहुंचना पड़ सकता है. क्योंकि, उसका असर न केवल लीग पर बल्कि उद्योगों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों सहित समाज के हर वर्ग पर पड़ेगा.
इस बीच, कई फ्रेंचाइजी ने अपने-अपने शहरों में पहले ही अपने शिविर शुरू कर दिए हैं. चेन्नई सुपर किंग्स का शिविर कुछ दिनों से चल रहा है. राजस्थान रॉयल्स ने भी अपना ट्रेनिंग कैंप लगाया है. पंजाब किंग्स पिछले कुछ दिनों से धर्मशाला में डेरा डाले हुए हैं, जहां लगभग 10 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं.
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध के लगातार बढ़ने से पेट्रोलियम और एलपीजी उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है. पिछले कुछ दिनों में, बेंगलुरु और चेन्नई दोनों जगह होटल व्यवसायी संघों ने कहा है कि उनके पास केवल एक-दो दिनों के लिए ही एलपीजी की आपूर्ति बची है. कई होटलों ने एलपीजी के उपयोग को अनुकूलित करने के लिए अपने मेन्यू को सीमित करना शुरू कर दिया है.
LPG आपूर्ति के अलावा, लॉजिस्टिक्स भी एक चुनौती होगी, जैसा कि हाल ही में खत्म हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान देखा गया था. जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका सहित कई टीमें पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और अपने-अपने देशों के लिए उड़ान मार्गों में आई रुकावटों के चलते तुरंत भारत से नहीं जा सकी.