IPL 2026: एमएस धोनी के कारण नहीं मिल रहा CSK को नया कोच, टीम के बाहर होते ही सनसनीखेज दावा

चेन्नई सुपर किंग्स और एमएस धोनी. IPL में ये कहानी पिछले 19 सालों से चली आ रही है. मगर 19 सीजन पुरानी इस लीग में पहली बार दोनों इतने अलग-थलग नजर आए हैं. IPL 2026 में भी चेन्नई सुपर किंग्स प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही और टीम मैदान पर बेहद कमजोर दिखी. इन सबके बीच धोनी टीम में होकर भी मैदान से पूरी तरह दूर रहे. इसने कई तरह के सवाल खड़े किए हैं, जिसमें टीम का भविष्य, नेतृत्व और मैनेजमेंट शामिल है. इन्हीं सवालों से जुड़ा एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि धोनी के कारण एक कोच ने CSK के साथ जुड़ने की संभावनाओं को खारिज कर दिया.

IPL 2026 के अपने आखिरी मैच में चेन्नई को गुजरात टाइटंस के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी. इसके साथ ही टीम पूरी तरह प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई और टूर्नामेंट में उसका सफर खत्म हो गया. ये लगातार तीसरा सीजन है, जब टीम प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई. ऐसे में बदलाव के दौर से गुजर रही टीम में सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं बल्कि कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव की जरूरत नजर आती दिखी है लेकिन इसकी राह में धोनी के रूप में एक रुकावट नजर आ रही है.

CSK की कोचिंग को लेकर खुलासा

टूर्नामेंट में CSK का सफर खत्म होने के बाद एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें ये बड़ा दावा किया गया है. इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एक दावेदार CSK का कोच बनने में अपनी इच्छा जता चुका है लेकिन वो इस बात को लेकर आश्वस्त है कि जब तक धोनी टीम के साथ बने हुए हैं, वो इस फ्रेंचाइजी के साथ नहीं जुड़ सकते. इसकी एक बड़ी वजह फ्रेंचाइजी के अंदर धोनी का रुतबा, उनका असर और फिलहाल उनके भविष्य को लेकर जारी कश्मकश है.

कोच को इंतजार करने को कहा

मगर बात सिर्फ इतनी ही नहीं है, बल्कि खुद CSK ने पिछले साल एक जाने-माने भारतीय कोच को भी मना कर दिया था. इसी रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि एक मशहूर भारतीय कोच ने CSK के साथ बतौर कोच जुड़ने की संभावनाओं को तलाशा था. इस कोच के CSK के अनुभवी लोगों के साथ अच्छे संबंध हैं. मगर उस कोच को तब CSK ने ही इंतजार करने को कहा था. उसका ही असर है कि चेन्नई फिलहाल मौजूदा कोचिंग सेटअप के साथ है. फिलहाल न्यूजीलैंड के दिग्गज स्टीफन फ्लेमिंग ही CSK के कोच हैं, जो 2009 से टीम में ये जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और अब उन्हें बदलने की मांग हो रही है.