स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज अहमद शहजाद ने पाकिस्तान सुपर लीग की कड़ी आलोचना की और इंडियन प्रीमियर लीग को बेहतर टी20 लीग करार दिया। शहजाद ने ध्यान दिलाया कि कैसे कई विदेशी खिलाड़ियों ने पीएसएल छोड़कर आईपीएल का रुख किया।
शहजाद का मानना है कि विदेशी खिलाड़ियों की इस हरकत से पाकिस्तान की प्रमुख टी20 स्पर्धा को नुकसान हुआ है। शहजाद ने कहा, ‘एक तरफ दुनिया की सबसे पावरफुल, अमीर लीग आईपीएल है। दूसरी तरफ पाकिस्तान सुपर लीग। आज बात करते हैं कि क्यों बहुत सारे प्लेयर्स पीएसएल के साथ कॉन्ट्रैक्ट होने के बावजूद आईपीएल में खेलते हुए नजर आते हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘खिलाड़ी कमिटमेंट देते हैं कि वो पीएसएल में खेलेंगे, लेकिन बाद में कई दफा देखा गया है कि वही प्लेयर्स आईपीएल चुन लेते हैं। इस पर बात करना जरूरी है। पीएसएल का ग्राफ कहां जा रहा है, पहले कहां था, तेजी से ऊपर गया और फिर कितनी तेजी से नीचे आया। ये सब भी डिस्कस होगा।’
शहजाद ने खड़े किए सवाल
2009 से 2019 के बीच पाकिस्तान के लिए 13 टेस्ट, 81 वनडे और 59 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले शहजाद ने ध्यान दिलाया कि मामला लीग से अलग हो चुका है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, ‘क्योंकि ये मैटर करता है। पाकिस्तान की टीम भी इसी सिस्टम पर डिपेंट करती है। इसलिए इस पर बात करना जरूरी है- क्योंकि मुल्क का मामला है। फिर स्टेडियम के अंदर प्लेयर्स की क्या सोच होती है?’
पूर्व बल्लेबाज ने कहा, ‘क्या वो सच में खेलना चाहते हैं या नहीं? क्या उन्हें सिर्फ आर्थिक फायदा मिल रहा है या कुछ और भी फायदा है?’ शहजाद ने दासुन शनाका और अजमतुल्लाह ओमरजाई के नाम वापस लेने के उदाहरण देते हुए अपनी बात समझाई।
खिलाड़ियों ने वापस नाम लिया
हर दफा की तरह, इस बार भी लगभग 45 बड़े नामों ने पीएसएल के लिए कमिटमेंट दिया, लेकिन वो आए ही नहीं। आप दासुन शनाका को देख लीजिए। श्रीलंका और पाकिस्तान के रिश्ते अच्छे होने के बावजूद, उन्हें आईपीएल से बेहतर ऑफर मिला और वो उधर चले गए। फिर अजमतुल्लाह ओमरजाई जैसे खिलाड़ी, जो किसी भी टीम के लिए एसेट होते, वो भी चले गए। साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों ने भी कमिटमेंट दिया, लेकिन बाद में पुल आउट कर गए। आप भी कई खिलाड़ी हैं, जिनके ऊपर सवाल हैं- आएंगे या नहीं।’
आईपीएल की लोकप्रियता का असर
शहजाद के मुताबिक पीएसएल की गिरावट का कारण आईपीएल की लोकप्रियता और इसके फ्रेंचाइजी इकोसिस्टम का बढ़ना है। उन्होंने कहा, ‘यही वजह है कि पीएसएल का ग्राफ नीचे जा रहा है। कम्पीटिशन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। आईपीएल अब सिर्फ इंडिया तक सीमित नहीं है। भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने दुनियाभर की लीग में अपनी जगह बना ली है।’
पूर्व पाक बल्लेबाज ने कहा, ‘हर लीग में उनकी टीमें हैं। इतना ही नहीं, कुछ प्लेयर्स पैसों के चलते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास तक ले चुके हैं ताकि वो फ्रेंचाइजी क्रिकेट के लिए लॉयल रह सके। आप निकोलस पूरन, किरोन पोलार्ड, आंद्रे रसेल को देखिए। ये सब इसी ट्रेंड का हिस्सा हैं। जोस बटलर जैसे खिलाड़ी भी अब ज्यादातर फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर फोकस करते नजर आते हैं।’