इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग ‘द हंड्रेड’ में पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को भारतीय मालिक वाली टीम सनराइजर्स लीड्स के खरीदने पर बवाल मचा हुआ है. आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के ग्रुप की ही इस टीम ने ऑक्शन में इस खिलाड़ी को 1.90 लाख पाउंड में खरीदा. इसको लेकर भारतीय क्रिकेट फैंस अपनी नाखुशी जाहिर कर रहे हैं. इसकी वजह भारत-पाकिस्तान के रिश्ते हैं, जो कई सालों से खराब चल रहे हैं और इसके चलते ही दुनिया की सबसे बड़ी लीग, IPL में भी उन पर बैन है. मगर क्या आपको पता है कि IPL के पहले सीजन में 5 टीम ऐसी थी, जिनमें पाकिस्तानी खिलाड़ी खेले थे और उसमें से एक हैदराबाद भी थी.
IPL की शुरुआत 2008 में हुई थी और तब भारत-पाकिस्तान के रिश्ते कुछ बेहतर थे. कम से कम दोनों देशों के बीच क्रिकेट के रिश्ते बिल्कुल सामान्य हो चुके थे और एक-दूसरे के देश में जाकर बाइलेटरल सीरीज खेली जा रही थीं. इसी दौरान अप्रैल 2008 में IPL का पहला सीजन खेला गया था, जिसमें कई पाकिस्तानी स्टार शामिल थे. हालांकि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में पाकिस्तानी आतंकियों के हमले के बाद हालात फिर बदल गए और उसके चलते पाकिस्तानी खिलाड़ी फिर कभी नहीं खेल सके.
कोलकाता नाइट राइडर्स
IPL के पहले सीजन में 5 ऐसी फ्रेंचाइजी थीं, जिन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदा था. इसमें सबसे ज्यादा 4 खिलाड़ी कोलकाता नाइट राइडर्स में थे. सौरव गांगुली की कप्तानी वाली कोलकाता में दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर शामिल थे. उनके अलावा पाकिस्तानी ओपनर सलमान बट, तेज गेंदबाज उमर गुल और ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज को भी टीम में जगह मिली थी.
राजस्थान रॉयल्स
वहीं राजस्थान रॉयल्स ने भी तब 3 पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह दी थी. राजस्थान रॉयल्स ने पाकिस्तानी पेसर सोहेल तनवीर, विकेटकीपर बल्लेबाज उमरान अकमल और दिग्गज बल्लेबाज यूनिस खान को सेलेक्ट किया था. मगर इसमें सिर्फ तनवीर ही सबसे असरदार रहे और IPL में पर्पल कैप जीतने वाले पहले गेंदबाज थे. सबसे ज्यादा विकेट लेकर उन्होंने राजस्थान को चैंपियन बनाने में मदद की थी.
दिल्ली डेयरडेविल्स
दूसरी ओर उस वक्त की दिल्ली डेयरडेविल्स ने दो धुरंधर पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर दांव लगाया था. इसमें तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और स्टार ऑलराउंडर शोएब मलिक को स्क्वॉड में शामिल किया गया था.
डेक्कन चार्जर्स
शोएब अख्तर के बाद उस वक्त के दूसरे सबसे बड़े पाकिस्तानी सुपरस्टार थे ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी. इस विस्फोटक ऑलराउंडर को तब हैदराबाद की पुरानी टीम डेक्कन चार्जर्स ने खरीदा था. अफरीदी उस डेक्कन की टीम के सुपर पावरफुल लाइन-अप का अहम हिस्सा थे, जिसमें एडम गिलक्रिस्ट, एंड्रू साइमंड्स और हर्शल गिब्स जैसे नाम शामिल थे.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
इनके अलावा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को ऑक्शन में खरीदा था और ये थे मिस्बाह उल हक, जो ऑक्शन से कुछ ही महीने पहले टी20 वर्ल्ड कप 2007 में पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे और फाइनल में पाकिस्तान को जीत के करीब पहुंचाकर चूक गए थे.
बैन के बाद भी खेला था ये पाकिस्तानी
वैसे इन 5 टीमों के अलावा भी एक टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को मौका दिया था और ये है किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स). पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बैन के 3 साल बाद पंजाब ने पाकिस्तानी ऑलराउंडर अजहर महमूद को खरीदा था. मगर फर्क ये था कि महमूद ने उस वक्त तक ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली थी और इसी आधार पर उन्हें मौका दिया गया था. वो 2012 और 2013 में फ्रेंचाइजी का हिस्सा थे और फिर 2015 में कोलकाता के लिए भी खेले.