टीम इंडिया की उप-कप्तान और स्टार ओपनर स्मृति मंधाना के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के साथ खत्म हुआ. टी20 और वनडे सीरीज में 2-3 अच्छी पारियां खेलने के बाद एकलौते टेस्ट मैच में मंधाना पूरी तरह से फेल हो गईं. पर्थ में चल रहे टेस्ट मैच में मंधाना दोनों पारियों में कोई भी कमाल नहीं कर सकीं और कुल 10 रन भी नहीं बना सकीं. मैच के पहले दिन सिर्फ 4 रन बनाने वाली भारतीय ओपनर दूसरे दिन, दूसरी पारी में सिर्फ 2 गेंदों के अंदर आउट हो गईं.
वाका स्टेडियम में 6 मार्च से शुरू हुए इस डे-नाइट टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम सिर्फ 198 रन पर ढेर हो गई थी. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी पहली पारी में 323 रन बनाकर 125 रन की बढ़त हासिल की थी. टीम इंडिया को ये बढ़त खत्म करने और ऑस्ट्रेलिया को एक बड़ा लक्ष्य देने के लिए दूसरी पारी में अच्छी बैटिंग की जरूरत थी लेकिन इस बार भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के सामने भारतीय टॉप ऑर्डर पस्त दिखा, जिसकी शुरुआत फिर मंधाना के विकेट से हुई.
मैच के दूसरे दिन टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में बैटिंग के लिए उतरी लेकिन सिर्फ दूसरी गेंद पर ही स्मृति मंधाना आउट हो गईं. तेज गेंदबाज डार्सी ब्राउन की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लेकर गेंद स्टंप्स में घुस गई. मंधाना 2 गेंदों में सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गईं. इस तरह मैच में उनके खाते में 15 गेंदों में सिर्फ 6 रन ही आए. पहली पारी में वो 13 गेंदों में 4 रन बनाकर आउट हुईं थीं.
SECOND BALL.
Darcie Brown gets Mandhana to chop on!#AUSvIND pic.twitter.com/JH1eB8UOcQ
— 7Cricket (@7Cricket) March 7, 2026
मंधाना ने 5 साल पहले ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक लगाया था लेकिन इस बार वो नाकाम रहीं. मगर इस दौरे पर मंधाना के बल्ले से एक भी शतकीय पारी नहीं निकली. तीनों फॉर्मेट के 7 मैच में उन्होंने 8 पारियों में बैटिंग की, जिसमें 2 अर्धशतक समेत वो 234 रन ही बना सकीं. उनका सबसे बड़ा स्कोर 82 रन रहा, जो तीसरे टी20 मैच में आया था.
इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी 323 रन पर खत्म हुई. उसके लिए स्टार ऑलराउंडर एनाबेल सदरलैंड ने फिर एक शतक लगाया. सदरलैंड के बल्ले से 129 रन निकले. ये टेस्ट क्रिकेट में उनका लगातार 3 पारियों में तीसरा शतक था और ऐसा करने वाली वो पहली महिला टेस्ट क्रिकेटर बनीं. कुल मिलाकर उनका ये चौथा टेस्ट शतक था. सदरलैंड के अलावा दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पैरी ने भी 76 रन बनाए, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया को दमदार बढ़त हासिल हुई.