श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया के स्पिन अटैक ने अपना दबदबा दिखाया है, जिसके दम पर टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम क्लीन स्वीप की दहलीज पर पहुंची है. मगर इसके साथ ही भारतीय स्पिनर्स की नो-बॉल की समस्या ने भी चिंतित कर दिया है.
टीम के अनुभवी स्पिनर रवींद्र जडेजा और नए गेंदबाज सारांश जैन इस मामले में सबसे बड़े गुनहगार साबित हुए हैं. ऐसे में टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले निशाने पर हैं और उन्होंने इस पर काम करने की बात कही है. मगर इसके साथ ही बहुतुले ने कहा है कि टेस्ट क्रिकेट में भी फ्री-हिट नियम से नो-बॉल पर लगाम लग सकती है.
कोलंबो टेस्ट मैच के तीसरे और चौथे दिन भारतीय स्पिनरों ने ज्यादा गेंदबाजी की. मैच के चौथे दिन तक श्रीलंका की दोनों पारियों में कुल मिलाकर करीब 115 ओवर सारांश जैन, रवींद्र जडेजा और मानव सुथार ने किए. इसमें से 75 ओवर जडेजा और जैन ने किए और इन 75 ओवर में दोनों ने मिलकर कुल 10 बार क्रीज लांघी यानि 10 नो-बॉल दोनों ने मिलकर की. पहली पारी में जडेजा ने 3 और जैन ने 2, जबकि दूसरी पारी में जैन 4 और जडेजा 1 नो-बॉल कर चुके हैं.
सिर्फ 5-6 स्टेप के रन-अप के बावजूद स्पिनर्स का इस तरह बार-बार नो-बॉल करना सवाल खड़े करता है और टीम को भी परेशानी में डालता है. ऐसे में कोच से सवाल होने स्वाभाविक थे. चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद स्पिन कोच बहुतुले ने मीडिया के सवालों का सामना किया. नो-बॉल के सवाल पर बहुतुले ने कहा कि कई बार ये टीम के लिए चिंता का विषय साबित हुआ है और इस पर काम जारी है.
उन्होंने इसकी संभावित वजह और उपाय बताते हुए कहा, “कई बार जब विकेट नहीं आ रहे होते तो इसके लिए गेंदबाज अतिरिक्त जोर लगाता है और इस कोशिश में नो-बॉल हो जाती है लेकिन ये बहाना नहीं चल सकता. मगर जडेजा और सारांश के साथ मिलकर उनके टेक-ऑफ पॉइंट (गेंद करने से पहले जहां गेंदबाज उछलता है) को लेकर काफी चर्चा हुई है और काम कर रहे हैं…मैं कानून बनाने वाला नहीं हूं लेकिन अगर फ्री-हिट (ODI-T20 की तरह) का नियम आता है तो नो-बॉल में कमी आएगी.”
टीम इंडिया के लिए ये समस्या कितनी गंभीर है, इसे कुछ और आंकड़ों से समझते हैं. टेस्ट क्रिकेट में 2021 के बाद से रवींद्र जडेजा 88 नो-बॉल कर चुके हैं, जो सभी स्पिनर्स में सबसे ज्यादा है. दूसरे नंबर पर पाकिस्तानी स्पिनर नोमान अली (40) हैं. इतना ही नहीं, कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में जडेजा का एक विकेट नो-बॉल के कारण छिन गया. पिछले टेस्ट में भी जडेजा ने 4 नो-बॉल की थी. वहीं टेस्ट डेब्यू कर रहे सारांश की इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली गेंद ही नो-बॉल थी. ऐसे में जब तक इसका कुछ इलाज नहीं होता, तब तक टीम इंडिया सवालों के घेरे में रहेगी.