पहले ग्रुप स्टेज और फिर सुपर-8 राउंड. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने खिताब का बचाव करने उतरी टीम इंडिया को इन दोनों ही दौर के शुरुआती मुकाबलों में उस हालात का सामना करना पड़ा, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने की दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज के अपने पहले ही मैच में USA के खिलाफ जो नजारा देखा था, उसका एक्शन रिप्ले सुपर-8 राउंड के शुरुआती मुकाबले में भी नजर आ गया. पूरे टूर्नामेंट में सवालों के घेरे में आई भारतीय टीम की बैटिंग लाइन-अप की साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी धज्जियां उड़ गईं.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम की बल्लेबाजी को बाकी टीम के गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा था. हर कोई इस बात को लेकर बेचैन था कि गेंदबाज इस विस्फोटक बैटिंग लाइन-अप को कैसे रोंकेगे. मगर टूर्नामेंट शुरू होने के बाद स्थिति एकदम बदली नजर आई. टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज के चारों मैच जीते लेकिन कभी भी पूरी बैटिंग लाइन-अप एक साथ दमदार प्रदर्शन नहीं कर पाई. USA के खिलाफ पहले ही मैच में सिर्फ 77 रन पर 6 विकेट गिर गए थे.
तब ये लगा था कि शायद ऐसा दोबारा नहीं होगा और वो सिर्फ एक अपवाद था लेकिन सुपर-8 राउंड के पहले ही मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी टीम इंडिया की बैटिंग ढेर हो गई. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए 187 रन का दमदार स्कोर बनाया था. टीम इंडिया से इसका जोरदार अंदाज में जवाब देने की उम्मीद थी. मगर ऐसा नहीं हुआ और इसकी शुरुआत पहले ओवर में ही हो गई, जब ईशान किशन खाता खोले बिना आउट हो गए. देखते ही देखते चौथे ओवर तक टीम इंडिया ने अपने शुरुआती तीनों विकेट गंवा दिए.
ईशान, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव और प्रमोट किए गए वॉशिंगटन सुंदर पर दारोमदार था. उम्मीद थी कि ये दोनों टीम को संभालेंगे. USA के खिलाफ तो कप्तान सूर्या ने ही टीम को बचाया था. मगर इस बार ये दोनों भी कुछ नहीं कर सके. कॉर्बिन बॉश ने पहले सुंदर और फिर सूर्या को आउट कर दिया और सिर्फ 9.1 ओवर में ही भारत ने 5 विकेट गंवा दिए. यानि सिर्फ 55 गेंदों में टीम इंडिया के 5 विकेट गिर गए, जबकि टीम का स्कोर सिर्फ 51 रन था. साउथ अफ्रीका के लिए बॉश के अलावा मार्को यानसन ने 2 और एडन मार्करम ने एक विकेट लिया था.