IND vs PAK: क्या भारत-पाकिस्तान मैच में ‘नो हैंडशेक’ पॉलिसी बनी रहेगी? अमोल मजूमदार ने कही ये बात…

भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप के लिए पूरी तरह तैयार है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम आज, 30 अगस्त को महिला T20 एशिया कप में अपने कैंपेन की शुरुआत करेगी।

पहला मैच थाईलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। यह मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। लेकिन, उससे पहले, 5 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मैच से पहले खिलाड़ियों की ‘नो हैंडशेक’ पॉलिसी को लेकर चर्चा हो गई है। क्या महिला एशिया कप में भी पाकिस्तान के खिलाफ हाथ न मिलाने की भारत की पॉलिसी जारी रहेगी? भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने इस पर कमेंट किया है।

क्या भारत-पाकिस्तान की ‘नो हैंडशेक’ पॉलिसी अभी भी लागू है?

थाईलैंड के खिलाफ मैच से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने भारत-पाकिस्तान मैच में नो हैंडशेक विवाद पर रिएक्शन दिया। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान हाथ मिलाने के बारे में पूछे जाने पर मजूमदार ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने साफ कहा कि अभी फोकस पहले मैच पर है और खिलाड़ी ऑफ-फील्ड मामलों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम ऑफ-फील्ड मामलों पर फोकस नहीं कर रहे हैं। जब हम पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलेंगे तो इस बारे में बात करेंगे। अभी हमारा फोकस कल के मैच पर है। हम एक बार में एक मैच पर फोकस कर रहे हैं।

हरमनप्रीत कौर ने क्या कहा?

जून 2026 में बर्मिंघम में हुए भारत-पाकिस्तान महिला T20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। उससे पहले, अक्टूबर 2025 में कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ ODI वर्ल्ड कप मैच के दौरान भी भारतीय महिला टीम ने यही पॉलिसी अपनाई थी। हालांकि, जब भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से पूछा गया कि क्या भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाफ आने वाले मैच में हाथ मिलाएंगे, तो उन्होंने साफ जवाब नहीं दिया। इसलिए, यह देखना अहम होगा कि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ मिलाएंगे या नहीं।

2025 से नो हैंडशेक पॉलिसी शुरू हुई

टीम इंडिया की क्रिकेट फील्ड पर पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ न मिलाने की पॉलिसी सितंबर 2025 में हुए मेन्स एशिया कप टूर्नामेंट के दौरान शुरू हुई थी। यह फैसला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए टेररिस्ट अटैक के बाद लिया गया था। उस एशिया कप टूर्नामेंट के दौरान, सूर्यकुमार यादव की लीडरशिप में इंडियन टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ तीनों मैचों में हाथ मिलाने से परहेज किया था। तब से, इंडियन प्लेयर्स ने अलग-अलग सीनियर, विमेंस और एज ग्रुप टूर्नामेंट में इस पॉलिसी को बनाए रखा है।

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