इस मैच में टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी को लेकर अपनाई गई नई रणनीति, जिसमें एक बड़ा प्रयोग किया गया.
पहली बार अभिषेक ने लिया स्ट्राइक, प्रयोग हुआ फ्लॉप
दरअसल, इस सीरीज के पिछले तीनों मुकाबलों में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने बतौर ओपनर पारी का आगाज किया था, लेकिन उन सभी मैचों में संजू सैमसन ने ही स्ट्राइक लिया था, यानी पारी की पहली गेंद का सामना संजू सैमसन ने किया और अभिषेक शर्मा नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रहते थे, लेकिन, चौथे T20 मुकाबले में रणनीति में बदलाव किया गया. आज के मैच में संजू सैमसन नॉन-स्ट्राइकर एंड पर थे और अभिषेक शर्मा ने पहली बार इस सीरीज में पारी का आगाज करते हुए स्ट्राइक लिया.
यह प्रयोग टीम के लिए सही साबित नहीं हुआ. अभिषेक शर्मा ने अपने स्वाभाविक अंदाज में जैसे वह अक्सर स्टेप आउट करके छक्का लगाते हैं वैसे ही खेलने की कोशिश में पहली ही गेंद पर शॉट खेला, लेकिन बाउंड्री लाइन पर डेवोन कॉनवे के हाथों लपके गए और शून्य रन पर पवेलियन लौट गए. ईशान किशन की गैरमौजूदगी में, शानदार लय में चल रहे अभिषेक और कप्तान सूर्यकुमार यादव से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन दोनों ही बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई.
शिवम दुबे का तूफानी अर्धशतक, लेकिन नाकाफी
हालांकि, भारतीय पारी के दौरान एक सकारात्मक पहलू शिवम दुबे का तूफानी प्रदर्शन रहा. जब टीम मुश्किल में थी, तब शिवम दुबे ने सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक लगाया और T20I में भारत के लिए युवराज सिंह 12 गेंदों में अर्धशतक और अभिषेक शर्मा 14 गेंद में अर्धशतक के बाद तीसरा सबसे तेज अर्धशतक जड़कर भारतीय फैंस को थोड़ी खुशी दी.
उन्होंने कुल 23 गेंदों का सामना किया और 65 रनों की धुआंधार पारी खेली, जिसमें कई गगनचुंबी छक्के शामिल थे, लेकिन उनका यह प्रयास टीम को जीत दिलाने के लिए नाकाफी साबित हुआ क्योंकि उन्हें दूसरे छोर से उन्हें कोई साथ नहीं मिला और जिस तरह वो रन आउट हुए उससे उनका दिन खराब भी नजर आया.