भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला मंगलवार को वेलिंगटन में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार यह मैच दोपहर 12:30 बजे से खेला जाएगा। इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है।
सलामी बल्लेबाजी जोड़ी के रूप में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पूरी तरह से फिट हैं। सलामी गेंदबाज के रूप में भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह को भी किसी तरह की चोट नहीं है। ऐसे में इन शुरुआती परिस्थितियों को संभालने वाले खिलाड़ियों पर तो जिम्मेदारी रहेगी ही, लेकिन मध्यक्रम में और पुच्छले बल्लेबाजों और डेथ ओवर में गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी यह मैदान चुनौतीपूर्ण होगा।
ऐसा पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा भी कह चुके हैं और मैच की पूर्व संध्या पर जब पत्रकारों ने गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा तब उन्होंने भी स्वीकारा कि भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लिए वेलिंगटन की परिस्थितियों में ढलना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि यहां तेज हवाएं चल रही हैं। वहां का मौसम ऐसा है कि होटल की खिड़कियां भी तेजी से हिल रही हैं। यानी हवा चलने की रफ्तार काफी तेज है। ऐसी परस्थितियों में गेंदबाजों के लिए अपने पांव को लाइन के अंदर जमाना और फिर दिशाहीन गेंदबाजी ना करना एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, गेंदबाज इन परिस्थितियों का फायदा भी उठा सकते हैं। क्योंकि हवा के तेज होने से स्विंग मिलने की उम्मीद रहेगी। न्यूजीलैंड की टीम के खिलाड़ी इन परस्थितियों से ज्यादा वाकिफ हैं, ऐसे में उनके लिए परिस्थितियां अधिक अनुकूल और मैच जिताऊ हो सकती हैं।
भारतीय खिलाड़ियों को खुद को करना होगा एडॉप्ट
मोर्ने मॉर्कल ने मैच से पहले कहा- “T20 क्रिकेट में ज्यादा समय नहीं होता। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के लिए परस्थितियों को एडॉप्ट करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन आप इसे या तो एक चुनौती के तौर पर देखेंगे या इसे एक नेगेटिव चीज़ के तौर पर देखेंगे। उम्मीद है कि हम अपने खिलाड़ियों को उस मेंटल स्पेस में ला पाएंगे जहां वे उस चुनौती सामना कर सकें।” मोर्कल की यह सोच वेलिंगटन टी-20 मैच से पहले भारतीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगी। वेलिंगटन में परिस्थितियों को जल्दी एडॉप्ट करना होगा तभी बिगड़े हुए हालात सुधर सकेंगे। एक बॉलर जिसने यॉर्कर की प्लानिंग की है, उसे हवा के हिसाब से एडजस्ट करना पड़ सकता है, जबकि एक बैट्समैन को अपने स्टांस और शॉट सिलेक्शन पर फिर से सोचना पड़ सकता है। जो प्लान अब काम नहीं कर रहा है, उस पर टिके रहने के बजाय, जल्दी रिस्पॉन्ड करने की काबिलियत, उसे एग्जीक्यूट करने जितनी ही जरूरी हो सकती है।
तेज हवा से लड़ने के लिए तैयार है ‘अय्यर एंड कंपनी’
बता दें कि इंडिया वर्कलोड भी मैनेज कर रहा है। ईशान किशन कमर की चोट से ठीक होने के बावजूद सावधानी के तौर पर तीसरे T20I में नहीं खेलेंगे। आगे पांच ODI और दो टेस्ट सहित मुश्किल इंटरनेशनल शेड्यूल है। मोर्केल ने कहा कि टीम ने अपनी तैयारियों का प्लान पहले ही बना लिया था, जिसमें रोटेशन और बैकअप ऑप्शन प्लान में शामिल थे, हालांकि उन्होंने माना कि सब कुछ कंट्रोल नहीं किया जा सकता। तीसरे टी-20 के लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट और कोच का संदेश बहुत साफ है। हालात, प्रतिकूल हो सकते हैं और तैयारी का समय कम है, लेकिन भारत इनमें से किसी को भी बहाना नहीं बनने दे सकता। श्रेयस अय्यर एंड कंपनी वेलिंगटन में हवा की परिस्थितियों और न्यूजीलैंड की टीम दोनों से मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत सीरीज में पहले ही 2-0 से आगे है। अगर मेन इन ब्लू परिस्थितियों को अनुकूलित करके तीसरा मुकाबला भी जीतने में सफल होता है तो सीरीज भारत के नाम हो जाएगी। भारत 3-0 से अजेय बढ़त बना लेगा।