शुरुआती झटकों के बावजूद डेरिल मिशेल ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया और भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ ऐसा कारनामा कर डाला, जो इससे पहले किसी भी बल्लेबाज ने भारतीय सरजमीं पर नहीं किया था।
न्यूजीलैंड की पारी की लड़खड़ाती शुरुआत
इंदौर में न्यूजीलैंड की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सिर्फ 5 रन के कुल स्कोर पर टीम ने अपने दो अहम विकेट गंवा दिए। सलामी बल्लेबाज़ डेवान कॉन्वे पहले ही ओवर में 5 रन बनाकर हर्षित राणा की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद दूसरे ओवर में हेनरी निकोल्स बिना खाता खोले अर्शदीप सिंह का शिकार बने। लगातार दो विकेट गिरने से कीवी बल्लेबाज़ों पर दबाव साफ नजर आ रहा था और ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज जल्द ही मैच पर पकड़ बना लेंगे।
विल यंग और मिशेल ने संभाली पारी
शुरुआती झटकों के बाद विल यंग और डेरिल मिशेल ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी ली। दोनों ने सधी हुई बल्लेबाज़ी करते हुए स्कोरबोर्ड को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया और 11 ओवर में टीम का स्कोर 50 के पार पहुंचाया। हालांकि, यह साझेदारी ज्यादा देर तक नहीं चल पाई और अगले ही ओवर में विल यंग पवेलियन लौट गए। इसके बाद न्यूजीलैंड की उम्मीदें पूरी तरह डेरिल मिशेल पर टिक गईं।
मिशेल का संयम और आक्रामकता का शानदार मेल
एक छोर पर विकेट गिरने के बावजूद डेरिल मिशेल ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ समझदारी से शॉट्स चुने और खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया। 21वें ओवर में मिशेल ने न सिर्फ टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया, बल्कि अपना अर्धशतक भी पूरा किया। वह यही नहीं रुके और 131 गेंदों पर 15 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 137 रन बनाए
भारत के खिलाफ बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस अर्धशतक के साथ ही डेरिल मिशेल ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ लगातार दूसरे सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले न्यूजीलैंड बल्लेबाज बन गए हैं। इस लिस्ट में उनसे आगे सिर्फ केन विलियमसन हैं, जिन्होंने 2014 में भारत के खिलाफ लगातार पांच फिफ्टी-प्लस स्कोर बनाए थे।
भारतीय धरती पर अनोखा कारनामा
डेरिल मिशेल की यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने भारतीय जमीन पर इतिहास रच दिया। वह दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने भारत में भारत के खिलाफ लगातार पांच वनडे पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाए हैं। इतना ही नहीं, उनकी पिछली 7 वनडे पारियों में यह छठा 50+ स्कोर रहा, जो उनकी शानदार निरंतरता को दर्शाता है।
भारत के खिलाफ भरोसेमंद बल्लेबाज़ के रूप में उभरे मिशेल
डेरिल मिशेल अब उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों में शामिल हो चुके हैं, जो भारतीय परिस्थितियों में भी लगातार रन बनाने में सफल रहे हैं। मुश्किल पिचों और दबाव भरे माहौल में उनका यह प्रदर्शन न्यूजीलैंड के लिए बड़ी सकारात्मक बात है। इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मिशेल बड़े मुकाबलों में टीम की रीढ़ साबित हो सकते हैं, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।