यह जानकारी PCB के एक सूत्र ने मंगलवार को दी।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने सरकार के निर्देश पर भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाले मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया है, लेकिन इस फैसले के कारणों को अभी तक औपचारिक रूप से ICC को नहीं बताया गया है। ICC ने पहले ही संकेत दिया है कि पाकिस्तान का सालाना राजस्व हिस्सा (लगभग 3.5 करोड़ डॉलर) रोकने और उसी रकम से प्रसारकों को भुगतान करने का अधिकार उसके पास है।
PCB के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने इस मामले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को सूचित करने से पहले बोर्ड के कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली थी। इसके बावजूद बोर्ड बहिष्कार के गंभीर नतीजों के लिए तैयार है। PCB के सूत्र ने कहा, “पाकिस्तान अगर भारत के खिलाफ नहीं खेलता, तो उसे वित्तीय जुर्माने के साथ-साथ प्रसारकों की ओर से मुकदमा भी झेलना पड़ सकता है। ICC की विवाद निपटान समिति (DRC) में अपील भी शायद सफल न हो।”
ब्रॉडकास्टर PCB और ICC के खिलाफ करेगा कानूनी कार्रवाई
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान सभी मैच तटस्थ स्थल श्रीलंका में खेल रहा है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच का बहिष्कार ICC और प्रसारकों के लिए संवेदनशील मुद्दा बन गया है। ICC ने अपने चार साल के प्रसारण समझौते में भारत-पाकिस्तान मैच को भी शामिल किया था, जिसके आधार पर प्रसारक ने ICC को भुगतान किया है। इसलिए प्रसारक को अनुबंध उल्लंघन के आधार पर PCB और ICC के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का पूरा अधिकार है।
पाकिस्तान को नहीं मिला अन्य बोर्ड का समर्थन
पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर अन्य सदस्य बोर्डों से समर्थन मांगा, लेकिन किसी ने भी उनका समर्थन नहीं किया। कुछ सूत्रों का मानना है कि पाकिस्तान के गृह मंत्री नकवी चुनावी माहौल के बाद अपना निर्णय बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “भारत के खिलाफ मैच से दो दिन पहले हालात बदल सकते हैं। अन्यथा पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग हो सकता है।”