Hardik Pandya: अनुशासन में रहना…हार्दिक पंड्या ने RCB की इस खिलाड़ी को ऐसा क्यों कहा?

Gautami Naik: आरसीबी ने WPL 2026 में लगातार पांचवीं जीत दर्ज की. गुजरात जायंट्स के खिलाफ आरसीबी ने 61 रनों से जीत दर्ज की. इस जीत की नायिका रहीं गौतमी नाइक, जिन्होंने नंबर 4 पर उतरकर शानदार अर्धशतक लगाया. गौतमी नाइक ने 55 गेंदों में 73 रन बनाए. ये रन उनके बल्ले से तब निकले जब आरसीबी की टीम मुसीबत में थी. गौतमी नाइक ने अपनी इस बेहतरीन पारी के बाद दिल की बात फैंस को बताई. गौतमी ने बताया कि उनके आइडल ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या हैं. गौतमी ने कहा कि वो हार्दिक पंड्या की तरह ही प्रेशर में बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहती हैं. गजब की बात ये है कि पंड्या ने भी इस खिलाड़ी को खास मैसेज भेजा.

गौतमी नाइक को पंड्या ने भेजा खास मैसेज

गौतमी नाइक का वीडियो महिला प्रीमियर लीग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, ‘मेरे आइडल हार्दिक पंड्या सर हैं. मैं उनको कॉपी करती हूं. उनकी तरह खेलना चाहती हूं. उनका जो गेम है, प्रेशर में जिस तरह से वो शांत होकर खेलते हैं, वैसा ही मेरा भी स्वभाव है. मैं उनकी तरह ही खेलना चाहती हूं.’ गौतमी नाइक अपने आइडल की तारीफ कर ही रही थीं तभी हार्दिक पंड्या का वीडियो मैसेज उनको दिखाया गया, जिसके बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

गौतमी नाइक को पंड्या का संदेश

हार्दिक पंड्या ने कहा, ‘ हैलो गौतमी. मुझे पता चला कि तुम मुझे अपना आइडल मानती हो. मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है कि मैं खिलाड़ियों को प्रेरित कर पाया. आपको पहले अर्धशतक के लिए बहुत मुबारकबाद. खेल को इंजॉय करें, मुझे उम्मीद है कि आप आगे जाकर अपनी फ्रेंचाइजी और देश का और नाम रोशन करेंगी. खेल को ऐसे ही प्यार करते रहना, अनुशासन में रहना. इंजॉय.’

गौतमी नाइक की गजब कहानी

गौतमी नाइक की बात करें तो वो 27 साल की हैं. गौतमी नाइक साल 2013 से क्रिकेट के मैदान में उतर गई थीं. एक कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट में पुरुष टीम में एक खिलाड़ी नहीं था और उस मैच में गौतमी नाइक को खेलने का मौका मिला. वहां उन्हें कोच अविनाष शिंदे मिले, जिन्होंने इस खिलाड़ी का करियर बनाने में मदद की. शिंदे ने बताया कि गौतमी नाइक के पिता का निधन हो गया था, जिसके चलते उनके पास बैट और क्रिकेट का सामान खरीदने के पैसे नहीं थे. कई बार उन्होंने सिर्फ चाय पीकर मैच खेला. गौतमी तेज गेंदबाज बनना चाहती थीं लेकिन ये इतना आसान नहीं था. क्योंकि तेज गेंदबाजों को काफी चोट लगती हैं और उसके इलाज में काफी पैसा खर्च होता है इसलिए उन्होंने बल्लेबाजी पर ध्यान देना शुरू किया. आज देखिए अपने बल्ले के दम पर ही उन्होंने आरसीबी को मैच जिताया है.