Hardik Pandya comeback: हार्दिक पांड्या की वापसी पर गंभीर का बड़ा बयान, बोले- अभी 10 ओवर गेंदबाजी नहीं कर सकते तो जल्दबाजी क्यों?

Hardik Pandya comeback: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गंभीर ने साफ कहा कि वह हार्दिक को इंटरनेशनल क्रिकेट में जल्दबाजी में वापस नहीं लाना चाहते।

अगर हार्दिक अभी 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं और लंबे समय से ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं, तो उन्हें सीधे इंटरनेशनल मुकाबलों में उतारना सही नहीं होगा।

हार्दिक पांड्या को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ वनडे मुकाबलों के लिए इंडिया ए टीम में शामिल किया गया है। वह आईपीएल 2026 के बाद पहली बार मैदान पर वापसी करेंगे। आईपीएल के दौरान भी हार्दिक चार मुकाबलों में नहीं खेल पाए थे। फिलहाल वह पीठ में ऐंठन और पैर में खिंचाव जैसी परेशानियों से उबर रहे हैं। गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से जीत के बाद कहा कि हार्दिक को पहले इंडिया ए सीरीज में मैच टाइम मिलना चाहिए। अगर वहां सब कुछ ठीक रहता है, तो वह इसके बाद टी20 और वनडे टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

उन्होंने कहा- अगर हार्दिक 10 ओवर गेंदबाजी नहीं कर सकते और आईपीएल के बाद उन्होंने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है, तो हम उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में धकेलना नहीं चाहते। इंटरनेशनल क्रिकेट शरीर पर काफी दबाव डाल सकता है।

नितीश रेड्डी ने पेश किया मजबूत विकल्प
हार्दिक की गैर-मौजूदगी में नितीश कुमार रेड्डी भारत के लिए उपयोगी विकल्प बनकर उभरे हैं। पहले उन्हें एशियन गेम्स की टी20 टीम में चुना गया था, लेकिन बाद में उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भेज दिया गया। यह बदलाव 16 सितंबर को किया गया था।अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में नितीश दोनों टीमों के बीच सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन मैचों में छह विकेट लिए और उनका औसत 13.16 रहा। तीसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने 3 विकेट लेकर 25 रन दिए। गंभीर ने कहा कि एक साल बाद दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर हार्दिक और नितीश दोनों फिट रहते हैं, तो भारत एक ही प्लेइंग इलेवन में दोनों को मौका दे सकता है।

तीन भारतीय टीमों और दो इंडिया ए टीमों का एक्शन
आने वाले डेढ़ महीने में भारत की तीन टीमें, दो इंडिया ए टीमें और रेस्ट ऑफ इंडिया टीम अलग-अलग मुकाबलों में नजर आएंगी। चयनकर्ताओं ने 16 सितंबर को इन टीमों को अंतिम रूप दिया है। हालांकि, गंभीर ने माना कि वनडे विश्व कप से सिर्फ एक साल पहले इस तरह की स्थिति आदर्श नहीं है। एशियन गेम्स के लिए लगभग पहली पसंद के खिलाड़ियों वाली टी20 टीम चुनी गई है। भारत 22 सितंबर को जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 मुकाबला खेलेगा। इसी वजह से वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए कुछ अलग और कमजोर नजर आने वाली टीम चुनी गई है। गंभीर के मुताबिक, यह स्थिति युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर लेकर आई है। रुतुराज गायकवाड़, नमन धीर और औकिब नबी जैसे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। नमन धीर और तेज गेंदबाज औकिब नबी को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है।

गिल के लिए मजबूत टीम जरूरी
गंभीर ने कहा कि भारत के प्रमुख खिलाड़ियों का लगातार चोटिल होना परेशानी पैदा कर रहा है। जसप्रीत बुमराह ने घुटने की चोट से वापसी की है, जबकि वरुण चक्रवर्ती साइड स्ट्रेन के कारण अफगानिस्तान सीरीज के बाद बाहर हो गए। हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे हैं और वॉशिंगटन सुंदर भी चोट से वापसी के बाद सीरीज में नहीं खेल पाए।

गंभीर ने कहा कि टेस्ट और वनडे क्रिकेट में भारत को अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मैचों में साथ खिलाना चाहिए। उन्होंने इसे युवा कप्तान शुभमन गिल के लिए भी जरूरी बताया। उनके मुताबिक, अगर गिल को लगातार मजबूत प्लेइंग इलेवन नहीं मिलती है, तो यह उनके लिए उचित नहीं होगा। गंभीर ने कहा कि कोच के तौर पर वह आलोचना झेल सकते हैं, लेकिन गिल को रेड बॉल और व्हाइट बॉल क्रिकेट में मजबूत टीम के साथ खेलने का पर्याप्त मौका मिलना चाहिए। एशियन गेम्स में भारत की कोचिंग की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण संभालेंगे। वहीं, गंभीर वनडे सीरीज में टीम के साथ रहेंगे। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन वनडे मुकाबले 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेले जाएंगे। इसके बाद 6 अक्टूबर से दोनों टीमों के बीच पांच टी20 मैचों की सीरीज शुरू होगी।

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