Gautam Gambhir as Head Coach: ऐसा गौतम गंभीर की ही कोचिंग में क्यों हो रहा है? क्यों एक के बाद एक सारे अनचाहे रिकॉर्ड उनकी ही कोचिंग में टीम इंडिया बना रही है? न्यूजीलैंड के खिलाफ अभी-अभी खत्म हुई वनडे सीरीज भी टीम इंडिया के नाम जुड़े उन्हीं अनचाहे रिकॉर्डों का गवाह बन गई. जिस कीवी टीम को भारत आकर, वनडे सीरीज हारकर जाने की आदत थी, इस बार उसने भी अपनी वो आदत बदल ली. न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को पहली बार उसकी जमीन पर वनडे सीरीज में हराने का स्वाद चख लिया. वैसे गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद टीम इंडिया को मिली असफलता की तो ये बस सबसे ताजा मिसाल है. ऐसी हार या विफलता जो भारत को क्रिकेट के मैदान पर सालों से नहीं मिली थी, मगर अब मिल गई, हेड कोच गौतम गंभीर का रिकॉर्ड बुक वैसे दास्तानों के पन्नों से अब भरता दिख रहा है.
गौतम गंभीर को हेड कोच बने कितना वक्त बीता?
गौतम गंभीर को टीम इंडिया का हेड कोच बनाए जाने का ऐलान BCCI की तरफ से 9 जुलाई 2024 को किया गया था, जिसमें ये बताया गया था कि वो 27 जुलाई 2024 से शुरू हो रही श्रीलंका के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज से अपना पदभार संभाल लेंगे. गौतम गंभीर ने टीम इंडिया के हेड कोच के पद पर राहुल द्रविड़ की जगह ली थी. अब अगर 27 जुलाई 2024 से न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया 3 मैचों की वनडे मैचों की सीरीज के खत्म होने तक देखेंगे तो गंभीर को कोच बने 1 साल 5 महीना और 22 दिन हो गए. यानी उनका कार्यकाल 17 महीने पूरे कर 18वें महीने में प्रवेश कर चुका है. अब सवाल है कि इस दौरान टीम इंडिया का हाल क्या रहा?
गंभीर की कोचिंग में नाकामियों की लंबी लिस्ट
गौतम गंभीर के टीम इंडिया का हेड कोच बनने के 540 दिन के बाद अब टीम इंडिया की झोली में कामयाबी कम और नाकामियां है. खासकर वो नाकामियां जो क्रिकेट फैंस को दिलों को झकझोरती हैं और वो इसलिए क्योंकि उनमें से ज्यादातर की स्क्रिप्ट अपने घर, अपने मैदान पर ही लिखी गई है.
गंभीर की कोचिंग में नाकामियों को गिनाने की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ खत्म हुई हालिया वनडे सीरीज से ही करते हैं. इसमें टीम इंडिया को 3 मोर्चे पर बड़ा झटका लगा, जिससे भारतीय क्रिकेट फैंस का दिल टूटता दिखा. पहला, भारत को पहली बार घरेलू वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा. दूसरा, पहली बार वनडे सीरीज के डिसाइडर में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों हार मिली. वहीं तीसरा, भारत को पहली बार इंदौर में खेले वनडे में हार मिली.
गौतम गंभीर की कोचिंग में नाकामियों के मिलने की शुरुआत उनके इस रोल को अपनाने के साथ ही शुरू हो गई थी. गौतम गंभीर के कोचिंग करियर की शुरुआत श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज से हुई. लेकिन अपनी कोचिंग के पहले ही इम्तिहान में उन्हें एक अनचाहे रिकॉर्ड का शिकार बनना पड़ा. क्रिकेट फील्ड पर टीम इंडिया के साथ वो हुआ जो 27 सालों से नहीं हुआ था. भारतीय टीम को 27 सालों में पहली बार श्रीलंका के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज गंवानी पड़ी. आगे गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया से पहली बार 3 वनडे की सीरीज में 30 विकेट गंवाने और 45 साल बाद एक कैलेंडर ईयर में एक भी वनडे ना जीत पाने का शर्मनाक आंकड़ा भी जुड़ा.
ऐसा नहीं है कि गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद टीम इंडिया के शर्मनाक रिकॉर्डों का सिलसिला वनडे तक ही थम गया. इसने टेस्ट क्रिकेट में भी पांव पसारे और वहां भी जो होता हुआ नहीं दिख रहा था वो होने लगा. जैसे- टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 36 साल बाद घर में टेस्ट गंवाया. उसके बाद घर में पहली बार टेस्ट सीरीज भी गंवाई. इसी बीच टीम इंडिया ने चिन्नास्वामी स्टेडियम पर 19 साल बाद पहला टेस्ट मैच गंवाया और पहली बार घरेलू टेस्ट में 50 रन के अंदर ढेर भी हुई.
गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया के नाम टेस्ट में कई और असफलताओं और अनचाहे रिकॉर्डों ने भी अपना डेरा जमाया. जैसे- पहली बार घरेलू टेस्ट में 200 से कम का टारगेट चेज नहीं हो सका. पहली बार घरेलू टेस्ट में भारत का क्लीन स्वीप हुआ. पहली बार टीम इंडिया WTC फाइनल खेलने से चूकी. टीम इंडिया दुनिया की पहली ऐसी टीम बन गई, जिसे 5 बल्लेबाजों के शतक लगाने के बाद भी टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा. इसके अलावा बैक टू बैक कैलेंडर ईयर में पहली बार व्हाइटवॉश का मुंह भी भारत को गंभीर की कोचिंग में ही देखना पड़ा है.
बाइलेट्रल के मुकाबले मल्टीनेशन टूर्नामेंट का रिकॉर्ड उलट
गंभीर की कोचिंग में नाकामियों की कुछ और दास्तान भी हैं और ज्यादातर बाइलेट्रल से जुड़ी हैं. गनीमत बस इतनी है मल्टीनेशन टूर्नामेंट में गौतम की कहानी इतनी गंभीर नहीं रही है, जितनी बाइलेट्रल में दिखी है. गंभीर अब तक एक आईसीसी खिताब अपनी कोचिंग में टीम इंडिया को जीता चुके हैं. ऐसे में आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में उनके अंडर टीम इंडिया से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है.