गौतम गंभीर को जब टीम इंडिया का हेड कोच बनाया गया था, तब हर किसी को यही उम्मीद थी कि वो सफलता की आदत को टीम इंडिया के साथ भी जारी रखेंगे. जुलाई 2024 में टीम इंडिया का हेड कोच बनने से 2 महीने पहले ही गंभीर ने बतौर मेंटॉर कोलकाता नाइट राइडर्स को 10 साल बाद IPL खिताब दिलाया था. सिर्फ डेढ़ साल में ही गंभीर ने साबित कर दिया कि उन्हें कोच बनाने का फैसला सही था. गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया ने अब तक 2 आईसीसी खिताब जीत लिए हैं, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बड़ा दर्जा दे दिया है. मगर इसके बावजूद गंभीर पर तलवार लटक रही है, उनकी नौकरी पर खतरा बरकरार है.
BCCI ने जब गौतम गंभीर को टीम इंडिया का कोच नियुक्त किया था, तो उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक यानि 3 साल का कॉन्ट्रेक्ट दिया था. इसकी वजह टीम इंडिया का शेड्यूल, गंभीर की काबिलियत पर भरोसा और साथ ही टीम में बदलाव की जिम्मेदारी जैसे मुश्किल फैसले थे. गंभीर को तीनों ही फॉर्मेट में टीम की कमान सौंपी गई, जिसमें से टेस्ट और टी20 में उन्होंने बड़े बदलाव किए हैं, जबकि वनडे में भी इसकी कोशिशें जारी हैं. मगर नतीजे की जब बात आती है तो वनडे और टी20 में टीम को सफलताएं मिली हैं और एक-एक ट्रॉफी आई हैं लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में प्रदर्शन लगातार बिगड़ा ही है.
टेस्ट परफॉर्मेंस सवालों के घेरे में
यही एक फॉर्मेट है, जिसके कारण गंभीर पर तलवार लटक रही है. मगर ये खतरा उनकी पूरी कोचिंग पर नहीं, बल्कि सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट की कोचिंग पर है, जहां नतीजे पक्ष में नहीं रहे हैं. गंभीर ने जब से टीम इंडिया की कोचिंग संभाली है, तब से टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार गिरा है. टीम इंडिया ने सिर्फ बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ घर में 2 टेस्ट सीरीज जीती हैं, जबकि इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई, जो बड़ी उपलब्धि थी.
मगर टीम को 10 साल बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हार का सामना करना पड़ा. लेकिन समस्या ऑस्ट्रेलिया में हार की नहीं, बल्कि घरेलू जमीन पर मिली उन हार की है, जिन्होंने शानदार रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया. पहले न्यूजीलैंड और फिर साउथ अफ्रीका ने भारत और भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज में हरा दिया. सिर्फ हराया ही नहीं, बल्कि दोनों ही टीम ने क्लीन स्वीप किया. इन दोनों टीम के खिलाफ टीम इंडिया ने 5 मैच खेले और पांचों गंवाए. इसने टीम इंडिया के सालों पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया और इसके कारण ही गंभीर लगातार आलोचना झेल रहे हैं.
आने वाले महीनों में भी खतरा बरकरार
टी20 और वनडे में गंभीर की कोचिंग के रिकॉर्ड पर कोई सवाल नहीं हैं लेकिन टेस्ट में अगर टीम इंडिया का प्रदर्शन आने वाले महीनों में नहीं सुधरता है तो BCCI ‘स्प्लिट कोचिंग’ जैसा कड़ा कदम भी उठा सकती है. टीम इंडिया को फिलहाल घर पर अगला टेस्ट जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना है. इस मैच में तो टीम इंडिया की जीत होगी ही, इसमें शायद ही किसी को कोई शक हो. मगर उसके बाद श्रीलंका दौरा और फिर न्यूजीलैंड दौरा गंभीर की टेस्ट कोचिंग के लिए अहम होगा. अगर इनमें नतीजा अच्छा नहीं रहा या टीम मुकाबला करने में नाकाम रही तो गंभीर की छुट्टी हो सकती है और वो सिर्फ वनडे-टी20 कोच बने रह जाएंगे.