Explainer: न्यूजीलैंड के क्यों 225 रन भी पड़ गए छोटे? जानें कैसे कीवियों के घर में भारतीय युवा ब्रिगेड ने पलटा इतिहास

IND vs NZ: भारत न्यूजीलैंड के बीच जारी 5 मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती दो मैचों में टीम इंडिया ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 2-0 की बढ़त बना ली है. कीवियों के घर क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए इन शुरुआती दोनों मुकाबलों में टीम इंडिया ने जिस तरह से जीत हासिल की है, उसने दुनिया भर के क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया है.

यह जीत इसलिए भी बेहद खास है, क्योंकि भारतीय टीम अपने सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा ब्रिगेड के साथ न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम को उसी के घर में कड़ी टक्कर दे रही है. तो चलिए शब्दों में समझेंगे कि टीम इंडिया की इस शानदार कामयाबी के पीछे कौन-से बड़े कारण रहे हैं कैसे हमारे युवा खिलाड़ियों ने दबाव में भी बाजी पलटी.

भारत ने बेखौफ अंदाज में किया लक्ष्य का पीछा

टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मैच किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थे. पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 225 रनों का एक विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था, जिसे देखकर ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम दबाव में आ जाएगी. लेकिन टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने बिना किसी डर के इस बड़े टारगेट को महज 19.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया. आसान भाषा में कहें तो भारतीय टीम ने पहले ही मैच से साफ कर दिया था कि वे न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं देंगे. इस बेखौफ रवैये ने कीवी टीम के गेंदबाजों की लाइन लेंथ को पूरी तरह बिगाड़ दिया.

संजू सैमसन नमन धीर की धमाकेदार बल्लेबाजी

इस सीरीज के पहले मैच में संजू सैमसन ने जिस तरह की बल्लेबाजी की उसने पूरे मैच की दिशा तय कर दी थी. संजू ने ताबड़तोड़ अंदाज में 67 रन बनाए, जिसने न्यूजीलैंड के 225 रनों के विशाल लक्ष्य को आसान बना दिया. संजू के अलावा नमन धीर ने भी कमाल का साथ निभाया विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए कीवी गेंदबाजों के धज्जियां उड़ा दिए. पहले मैच में सीनियर खिलाड़ियों की कमी को इन दोनों ने महसूस नहीं होने दिया तेजी से रन बटोरकर टीम को जीत की दहलीज पर ला खड़ा किया. जब आपके टॉप मीडिल ऑर्डर के बल्लेबाज इस तरह के बड़े स्कोर वाले मैचों में जिम्मेदारी लेते हैं, तो विपक्षी टीम के पास रणनीति बदलने का समय नहीं बचता.

मीडिल ऑर्डर युवा फिनिशर्स का जलवा

भारतीय टीम की जीत का दूसरा सबसे बड़ा कारण उसका मजबूत मिडिल लोअर ऑर्डर के बल्लेबाजों का बेहतरीन प्रदर्शन रहा है. दूसरे टी20 मैच में एक समय ऐसा आया जब भारत ने सिर्फ 70 रनों के स्कोर पर अपने 5 बड़े विकेट गंवा दिए थे. मैच पूरी तरह से न्यूजीलैंड की मुट्ठी में लग रहा था, लेकिन इसके बाद मैदान पर युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला. तिलक वर्मा ने संकट के समय समझदारी आक्रामकता का अनोखा कॉम्बिनेशन दिखाते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा नाबाद 51 रन बनाए.

उनके साथ नीतीश कुमार रेड्डी ने भी समझदारी भरी पारी खेलते हुए नाबाद 26 रनों का योगदान दिया. इन दोनों युवाओं के बीच हुई नाबाद साझेदारी ने हारे हुए मैच को भारत की झोली में डाल दिया, जिसने यह साबित किया कि टॉप ऑर्डर फेल होने के बाद टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज मैच जिताने की जिम्मेदारी उठा सकते हैं.

परिस्थितियों को समझना सही रणनीतिक फैसले

इस सीरीज में श्रेयस अय्यर की कप्तानी की भी जमकर तारीफ हो रही है, क्योंकि उन्होंने परिस्थितियों को बहुत अच्छे से समझा है. न्यूजीलैंड के मैदानों पर शाम के समय ओस एक बहुत बड़ा फैक्टर होती है, जिसके कारण बाद में गेंदबाजी करना काफी मुश्किल हो जाता है. श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया, जो रणनीति के लिहाज से मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ. पहले मैच में फिर दूसरे मैच में भी लक्ष्य का पीछा करने का फैसला इसलिए सही रहा क्योंकि बाद में गीली गेंद से कीवी गेंदबाजों को ग्रिप करने में काफी परेशानी हुई. भारतीय कप्तानी टीम मैनेजमेंट ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर मैच को अपने पक्ष में मोड़ने का काम किया है.

मुश्किल समय में घबराने के बजाय शांत रहने का हुनर

टी20 क्रिकेट में मैच बहुत तेजी से बदलता है जो टीम दबाव में शांत रहती है, वही बाजी मारती है. दूसरे मैच में जब भारत के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए थे, तब टीम में कोई पैनिक देखने को नहीं मिला. तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी ने पहले कुछ ओवर क्रीज पर टिकने में लगाए उसके बाद खराब गेंदों पर बाउंड्री भेजना शुरू किया. आसान शब्दों में कहें तो भारतीय युवाओं ने मैच को आखिरी ओवरों तक ले जाने की प्लान बनाई उन्हें पता था कि आखिरी में वे मैच फिनिश कर सकते हैं. यह दिमागी मजबूती ही टीम इंडिया को इस सीरीज में न्यूजीलैंड से काफी आगे रख रही है.

ऐतिहासिक रिकॉर्ड आगे की राह

इन दोनों जीतों के साथ टीम इंडिया ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है. भारतीय टीम अब दुनिया की एकमात्र ऐसी टीम बन गई है जिसने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 मैच जीतने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है. इसके साथ ही भारत 300 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाला दुनिया का दूसरा देश भी बन गया है. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारतीय क्रिकेट का ढांचा कितना मजबूत है कि मुख्य खिलाड़ियों के आराम करने या चोटिल होने के बाद भी बैकअप खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल पर जाकर लगातार मैच जिता रहे हैं. फैंस के लिए यह सीरीज अब तक ब्लॉकबस्टर साबित हुई है उम्मीद है कि टीम इंडिया आगे भी इस विजयी रथ को जारी रखेगी.

वेलिंगटन में भी बल्लेबाज मचा सकते हैं धमाल

भारत न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टी20 मैच वेलिंगटन में खेला जाएगा. वेलिंगटन के ‘द केक टिन’ मैदान पर भी रनों की बारिश होने की पूरी उम्मीद है. यहां की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों की मददगार रही है, जहां पहली पारी में औसतन 170 रन बनते हैं. ऐसे में 27 अक्टूबर को फैंस को एक बार फिर हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया इस मैदान पर बाजी मारकर इसी दिन सीरीज अपने नाम कर पाएगी या नहीं.

 

Leave a Comment