विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 सीजन के सेमीफाइनल में 2 टीम की जगह पक्की हो गई है. एक तरफ विदर्भ ने उत्तर प्रदेश को क्वार्टर फाइनल में शिकस्त दी तो वहीं कर्नाटक ने मुंबई का खेल खत्म किया और अंतिम-4 में एंट्री की. इन दो मुकाबलों में सिर्फ एक शतक लगा, जो विदर्भ के बल्लेबाज हार्दिक देसाई ने जमाया लेकिन एक बार फिर चर्चा में रहे कर्नाटक के युवा ओपनर देवदत्त पडिक्कल. अगर खराब रोशनी के कारण कर्नाटक-मुंबई का मैच नहीं रुकता तो पडिक्कल इस सीजन में अपना पांचवां शतक जमा देते. ये तो नहीं हो सका लेकिन फिर भी बाएं हाथ के बल्लेबाज ने एक रिकॉर्ड बना दिया.
बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में सोमवार 12 जनवरी को खेले गए क्वार्टर फाइनल मैच में पडिक्कल ने मुंबई के खिलाफ 95 गेंदों में 81 रन की पारी खेली और नाबाद लौटे. जब मैच रोका गया, उस वक्त कर्नाटक ने एक विकेट खोकर 187 रन बना लिए थे और जीत के लिए 17 ओवर में 68 रन की जरूरत थी. यानि अगर मैच दोबारा शुरू होता तो पडिक्कल के पास शतक जमाने के लिए पर्याप्त समय था. इस मैच में भले ही शतक नहीं आया लेकिन पहले ही वो 4 शतक ग्रुप स्टेज में लगा चुके थे.
पडिक्कल के हाथ से इस मैच में तो शतक लगाने का मौका छूट गया लेकिन उनकी टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई, जिसमें वो ये कसर पूरी कर सकते हैं. फिर भी इस पारी के दम पर कर्नाटक के ओपनर ने वो कर दिया, जो विजय हजारे ट्रॉफी में इससे पहले नहीं हुआ. मुंबई के खिलाफ 81 रन बनाने के साथ ही उन्होंने इस सीजन में 700 रन पूरे कर लिए. पडिक्कल के नाम अब तक विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 सीजन में 8 पारियों में 103 के हैरतअंगेज औसत से 721 रन हो गए हैं, जिसमें 4 शतक और 2 अर्धशतक हैं. इसके साथ ही वो विजय हजारे ट्रॉफी में 2 बार 700 रन से ज्यादा बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं. 26 साल के इस बल्लेबाज ने इससे पहले 2020-21 सीजन में 7 पारियों में ही 147 की औसत से 737 रन बना दिए थे.
कहना गलत नहीं होगा कि कर्नाटक के बिना किसी परेशानी के सेमीफाइनल तक पहुंचने में पडिक्कल की बड़ी भूमिका रही है. कर्नाटक के ओपनर के पास अब एक सीजन में सबसे ज्यादा रन के 2 रिकॉर्ड तोड़ने के मौके हैं. अगर एक VHT सीजन में सबसे ज्यादा रन की बात करें तो ये रिकॉर्ड तमिलनाडु के नारायण जगदीशन के नाम है, जिन्होंने 2022-23 सीजन में 8 पारियों में 830 रन बनाए थे. अब अगर सेमीफाइनल में पडिक्कल 110 रन बनाते हैं तो वो जगदीशन का ये रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं.
मगर सिर्फ ये ही नहीं, बल्कि देवदत्त पडिक्कल के पास एक बड़ा मौका है विराट कोहली का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने का. असल में किसी भी लिमिटेड ओवर्स टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड पूरी दुनिया में भारतीय दिग्गज कोहली के नाम है. ये उपलब्धि कोहली ने 2016 के IPL सीजन में हासिल की थी, जब उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 16 पारियों में 973 रन बनाए थे. अब अगर कर्नाटक फाइनल तक पहुंचती है तो पडिक्कल ये कमाल कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए उन्हें दोनों मुकाबलों में शतक समेत कुल 253 रन बनाने होंगे. ये मुश्किल जरूर है लेकिन पडिक्कल की फॉर्म को देखते हुए असंभव नहीं है.