बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में खिताब जीतने का भारत का इंतजार जारी है. ठीक 61 साल बाद भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के युवा शटलर आयुष शेट्टी खिताब जीतने से चूक गए. चीन में खेले गए टूर्नामेंट के फाइनल में 20 साल के आयुष शेट्टी को चीन के ही शी यूकी के हाथों 8-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही 1965 के बाद किसी भारतीय खिलाड़ी का सिंगल्स में बैडमिंटन एशिया चैंपियन बनने का सपना टूट गया. हालांकि आयुष को सिल्वर मेडल मिला, जो इस टूर्नामेंट में भारत का दूसरा ही मेडल है.
दमदार प्रदर्शन के बाद फाइनल में शिकस्त
चीन के निंगबो में खेली गई इस चैंपियनशिप में भारत की आखिरी उम्मीद रहे आयुष शेट्टी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया था. फाइनल में पहुंचने से पहले उन्होंने टॉप-10 रैंक में शामिल 3 खिलाड़ियों को शिकस्त दी थी. इसमें पिछले साल के विजेता और वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत वितिदसार्न भी शामिल थे, जिन्हें हराकर आयुष ने फाइनल में जगह बनाई थी. इसके बाद फाइनल में उनका सामना दूसरी रैंक यूकी से था लेकिन ये बाधा वो पार नहीं कर सके.
मौजूदा वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियन शी यूकी ने इस पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा और आयुष को एक बार भी जीत के करीब नहीं आने दिया. खास तौर पर तो पहले गेम में चीनी शटलर ने बिना किसी परेशानी के 21-8 से जीत दर्ज की. दूसरे गेम की शुरुआत में आयुष अच्छी स्थिति में दिख रहे थे और एक वक्त पर 5-2 से आगे चल रहे थे लेकिन एक बार यूकी ने वापसी की तो उन्हें रोकना मुश्किल हो गया. लंबे कद के भारतीय खिलाड़ी के पास 30 साल के यूकी के अनुभव का कोई जवाब नहीं था और 21-10 से दूसरा गेम जीतकर चीनी खिलाड़ी ने खिताब जीत लिया.
61 साल बाद भारत को मेडल
आयुष पहली बार किसी इतने बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे. ऐसे में एक अनुभवी खिलाड़ी के सामने उनकी नाकामी दिल तोड़ने से ज्यादा उम्मीद बढ़ाने वाली रही. खास तौर पर उन्होंने 61 साल लंबा इंतजार जरूर खत्म कर दिया. भारत के नाम इस टूर्नामेंट में 1965 के बाद से सिंगल्स इवेंट में कोई भी मेडल नहीं आया था. पिछला और इकलौता मेडल 1965 में दिनेश खन्ना ने जीता था. तब उन्होंने फाइनल जीतकर चैंपियनशिप पर कब्जा किया था. अब आयुष ने सिल्वर जीतकर मेडल का इंतजार जरूर खत्म किया.