स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड को उम्मीद है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गकेबरहा में होने वाले दूसरे टेस्ट में भी रिवर्स स्विंग अहम भूमिका निभाएगी। डर्बन में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने पिच की मदद से गेंद को रिवर्स स्विंग कराया और टीम को सीरीज में बढ़त दिलाई।
हेजलवुड के मुताबिक, पिच की कठोर सतह और गेंद का धीरे-धीरे पुराना होना इस तकनीक के लिए मददगार रहा।
ऑस्ट्रेलिया में आमतौर पर घास वाली पिचें बनाई जाती हैं, जहां सीम मूवमेंट ज्यादा देखने को मिलता है। ऐसे में घरेलू टेस्ट मैचों में रिवर्स स्विंग की चर्चा कम होती है। हेजलवुड ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में पिच और मैदान की खुरदरी सतह ने गेंद को पुराना होने के साथ रिवर्स स्विंग हासिल करने में मदद की।
डर्बन में हेजलवुड ने मचाया था धमाल
डर्बन टेस्ट की दूसरी पारी में रिवर्स स्विंग का असर साफ नजर आया। डेविड बेडिंघम 23वें ओवर के आसपास एलबीडब्ल्यू आउट हुए, जबकि पारी के आगे बढ़ने के साथ गेंद का रिवर्स स्विंग और प्रभावी होता गया। हेजलवुड ने दूसरी नई गेंद से मैच खत्म करते हुए 49 रन देकर 6 विकेट लिए। यह उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
हेजलवुड ने कहा कि बल्लेबाजों को मुश्किल में डालने के लिए गेंद का थोड़ा रिवर्स स्विंग करना और उसमें अच्छा उछाल बने रहना जरूरी है। उनके मुताबिक, बहुत ज्यादा रिवर्स स्विंग के साथ नरम गेंद बल्लेबाजों के लिए संभालना आसान हो सकता है।
गकेबरहा में मौसम बन सकता है बाधा
दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की वापसी की संभावना है। वह रिवर्स स्विंग के इस्तेमाल में माहिर माने जाते हैं। हालांकि, बारिश का अनुमान इस तकनीक के असर को कम कर सकता है। हाल की बारिश से मैदान का आउटफील्ड भी काफी हरा-भरा है, लेकिन मैच से तीन दिन पहले पिच सूखी नजर आ रही थी।
हेजलवुड का मानना है कि अगर पिच कठोर और सूखी रही तथा सीम मूवमेंट कम मिला, तो रिवर्स स्विंग गेंदबाजों के लिए अहम हथियार साबित हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के पास तेज गेंदबाजों की मजबूत बेंच
हेजलवुड ने अपनी फिटनेस पर भी भरोसा जताया। एशेज सीरीज से बाहर रहने के बाद वापसी करते हुए उन्होंने अपने पिछले तीन में से दो टेस्ट में छह विकेट लेने का कारनामा किया है। डर्बन टेस्ट उनके लिए 2023 के ओवल टेस्ट के बाद पहला ऐसा टेस्ट था, जिसमें बारिश के कारण खेल प्रभावित नहीं हुआ।
ऑस्ट्रेलिया के पास मिचेल स्टार्क के अलावा स्कॉट बोलैंड और माइकल नेसर जैसे विकल्प भी हैं। हेजलवुड ने बोलैंड की तारीफ करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है और आने वाले 12 से 18 महीनों में वह टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण के दम पर ऑस्ट्रेलिया दूसरे टेस्ट में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगा।