नागोया, जापान: एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारतीय तीरंदाजों ने एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। पुरुषों की कंपाउंड टीम के फाइनल में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम ताहिरुमुरु की तिकड़ी ने चीन को रोमांचक मुकाबले में सिर्फ 1 अंक से हराया।
चीन को सिर्फ 1 अंक से हराया
भारत की पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 अंक बनाए, जबकि चीनी टीम 237 अंक ही बना सकी। मुकाबले में दोनों टीमों के बीच पूरे समय कड़ा संघर्ष देखने को मिला और आखिरी एंड में जाकर भारत की जीत तय हुई।
पहले एंड में भारत ने 58 अंक बनाए, जबकि चीन ने 60 अंक हासिल किए। दूसरे एंड में दोनों टीमों ने 60-60 अंक जुटाए। तीसरे एंड में भारत ने फिर 60 अंक बनाए, जबकि चीन 59 अंक ही हासिल कर सका।
आखिरी एंड में आया सबसे बड़ा मोड़
फाइनल एंड में भारत ने लगातार तीसरी बार 60 अंक हासिल किए और परफेक्ट 10 के साथ अपना स्कोर पूरा किया। हालांकि, चीन के पास भी मुकाबले में वापसी का मौका था, लेकिन उसके पहले ही शॉट ने मैच का रुख बदल दिया।
चीन के पहले शॉट पर सिर्फ 8 अंक आए और यही एक अंक का अंतर अंत में निर्णायक साबित हुआ। भारत ने 238-237 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम ताहिरुमुरु एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा के चैंपियन बने।
साहिल जाधव का एक दिन में दूसरा गोल्ड
साहिल जाधव के लिए यह दिन बेहद खास रहा। पुरुषों की कंपाउंड टीम के फाइनल में गोल्ड जीतने से पहले वह चिकीथा तनिपार्थी के साथ कंपाउंड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीत चुके थे।
साहिल और चिकीथा ने इससे पहले दक्षिण कोरिया को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत के साथ दोनों ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी जगह पक्की की। इस तरह साहिल जाधव ने एशियन गेम्स 2026 के एक ही दिन में दो गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिए।
‘दो गोल्ड मेडल जीतकर बेहद खुश हूं’
गोल्ड मेडल जीतने के बाद साहिल जाधव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मैं बहुत खुश हूं क्योंकि यह टूर्नामेंट अपने स्तर पर बहुत बड़ा आयोजन है। भारत के लिए दो गोल्ड मेडल जीतना और अपने माता-पिता, कोच, सपोर्ट स्टाफ और प्रायोजकों को गर्व महसूस कराना… यही मेरा काम था और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं कि मैं इसे पूरा कर सका।”
उन्होंने दबाव को लेकर भी अपनी रणनीति बताई। जाधव ने कहा, “हमने इतने स्तर पर अभ्यास किया था कि उस तरह का दबाव वास्तव में महसूस नहीं हो रहा था। मुख्य विचार यही था कि मुझे देश और अपने लिए कुछ करना है। हम सिर्फ प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे थे और हर कदम को सही तरीके से पूरा कर रहे थे।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे मनोवैज्ञानिक और कोच भी हमारे साथ थे और हमें भरोसा दिला रहे थे कि हम यह कर सकते हैं। उन्होंने हमें खुद पर भरोसा रखने, अपनी रणनीति पर कायम रहने और अभ्यास में जो करते आए हैं, वही करने की सलाह दी। हमें बस उसे मैदान पर लागू करना था।”
भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 10 हुई
यह एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारत का चौथा गोल्ड मेडल है। इनमें से तीन स्वर्ण पदक भारतीय तीरंदाजी दल ने जीते हैं।
इस गोल्ड के साथ एची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 10 हो गई है। भारत के खाते में अब 10 गोल्ड के अलावा 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज मेडल भी हैं। मेडल तालिका में भारत फिलहाल सातवें स्थान पर है और वह ईरान से आगे है।
तीरंदाजी में भारत की गोल्ड हैट्रिक
एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारतीय तीरंदाजों ने लगातार तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए। पुरुषों की कंपाउंड टीम की इस जीत ने भारत की तीरंदाजी में गोल्ड की हैट्रिक पूरी कर दी।
चीन के खिलाफ 238-237 की यह जीत बेहद करीबी रही, लेकिन आखिरी एंड में भारतीय तीरंदाजों ने परफेक्ट 10 के साथ दबाव में शानदार प्रदर्शन किया और सिर्फ एक अंक के अंतर से गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।