जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया था। अब एक बार फिर भारतीय मुक्केबाज बड़े मंच पर अपना दम दिखाने के लिए तैयार हैं।
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाज 11 अलग-अलग भार वर्गों में चुनौती पेश करेंगे। टीम में ऐसे कई मुक्केबाज शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं।
ज्यादा हैं उम्मीदें
भारतीय दल की नजर एशियाई खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने पर होगी। खास तौर पर राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके मुक्केबाजों से काफी उम्मीदें रहेंगी। एशियाई खेलों से पहले भारतीय मुक्केबाजों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशिक्षण शिविर में उन्हें अलग-अलग शैली और तकनीक वाले मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयार किया जा रहा है। खास तौर पर उज्बेकिस्तान, थाइलैंड और चीन के मजबूत मुक्केबाजों को ध्यान में रखते हुए अभ्यास कराया जा रहा है।
इन देशों के मुक्केबाज एशियाई स्तर पर मजबूत माने जाते हैं और भारतीय खिलाड़ियों के सामने उनकी चुनौती बड़ी होगी। तैयारी के दौरान खिलाड़ियों को संभावित प्रतिद्वंद्वियों के वीडियो भी दिखाए जा रहे हैं। इससे मुक्केबाजों को अपने विरोधियों की तकनीक, आक्रमण और कमजोरियों को समझने में मदद मिलेगी।
कोचिंग टीम का प्रयास है कि भारतीय मुक्केबाज रिंग में उतरने से पहले अपने प्रतिद्वंद्वियों की रणनीति से अच्छी तरह परिचित हों। भारतीय टीम के पास अनुभव और युवा जोश का अच्छा मिश्रण है। ऐसे में एशियाई खेलों में भारतीय मुक्केबाजों से ग्लास्गो की सफलता को आगे बढ़ाने और पदकों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है।
भारतीय मुक्केबाजों का एशियाई खेलों में प्रदर्शन
भारत ने 2022 एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में चार पदक जीते हैं, जिनमें एक रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि, भारत एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीत सका था। इसके अलावा भारत ने अब तक एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में 61 पदक जीते हैं, जिनमें नौ स्वर्ण, 17 रजत और 35 कांस्य पदक शामिल हैं।
एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम
महिलाएं: साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
पुरुष: जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेन्द्र (+90 किग्रा)