Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 के 7वें दिन भारतीय शूटर्स ने कमाल कर दिया जिसमें सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम प्रतियोगिता में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता तो वहीं नीरज कुमार, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और रुद्राक्ष पाटिल ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट (शूटिंग) में सिल्वर मेडल जीता।
ये शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड मेडल रहा जबकि ओवरऑल दूसरा गोल्ड रहा। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इस इवेंट में पहला गोल्ड मेडल जीता था।
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि सिंह की भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की मजबूत जोड़ी को एकतरफा अंदाज में पछाड़ते हुए पोडियम के शीर्ष पर तिरंगा फहराया। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल रहा। भारतीय निशानेबाजों का दबदबा 7वें दिन सुबह से ही क्वालिफिकेशन राउंड से ही देखने को मिल रहा था। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने क्वालिफिकेशन में 587 अंकों का नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए पहले स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। क्वालिफिकेशन में ही उन्होंने दूसरे स्थान पर मौजूद मंगोलिया की टीम पर 70 अंकों की विशाल बढ़त बनाकर अपने मजबूत इरादे जाहिर कर दिए थे।
कमलजीत और सुरुचि सिंह का फाइनल स्कोर:
भारत – 484.6 (गोल्ड मेडल)
साउथ कोरिया – 478.0 (सिल्वर मेडल)
ईरान – 415.8 (ब्रॉन्ज मेडल)
सुरुचि ने 13 साल की उम्र में शुरू की थी शूटिंग
सुरुचि इंदर सिंह हरियाणा के झज्जर की रहने वाली एक भारतीय 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर हैं, जिनका जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ था। परिवार की मजबूत स्पोर्ट्स बैकग्राउंड के कारण शुरू में उन्हें रेसलिंग आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था, लेकिन 13 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग शुरू की। उन्होंने भिवानी में गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग शुरू की। सुरुचि ने 2025 में सीनियर इंटरनेशनल सर्किट पर शानदार सफलता हासिल की और ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में लगातार तीन व्यक्तिगत ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीते।
उन्होंने लीमा वर्ल्ड कप में मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता। उनका शानदार 2025 सीजन दोहा में ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल के साथ समाप्त हुआ, जहां उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में 245.1 का जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, उन्होंने म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतकर अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और भारत की प्रमुख इंटरनेशनल 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर्स में से एक बन गईं। उन्होंने 2026 एशियन चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता।
कमलजीत ने 2019 में शुरू की थी शूटिंग
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुल्खा गंव के रहने वाले कमलजीत एक भारतीय पिस्टल शूटर हैं, जो 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल इवेंट में माहिर हैं। चोट लगने के कारण अपना ट्रैक-एंड-फील्ड एथलेटिक्स करियर छोड़ने के बाद, उन्होंने 2019 में शूटिंग शुरू की। एक मध्यम-वर्गीय परिवार से होने के कारण कमलजीत को अपने शूटिंग करियर की शुरुआत में आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कोचिंग कोर्स की फीस और प्रतियोगिताओं का खर्च खुद उठाया।
कई बार तो ऐसा भी हुआ जब उन्होंने यह खेल छोड़ने के बारे में सोचा। इन मुश्किलों के बावजूद, उनके माता-पिता ने हमेशा उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी हर चीज मुहैया कराई। अगले दो-तीन सालों में उनकी लगन ने उन्हें आर्थिक और खेल से जुड़ी चुनौतियों से उबरने और एक प्रतिस्पर्धी शूटर के तौर पर अपनी पहचान बनाने में मदद की। कमलजीत ने जूनियर इंटरनेशनल सर्किट में अपनी मजबूत छाप छोड़ी और कोरिया के चांगवोन में आयोजित 2023 ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल जूनियर पुरुष इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने सीनियर इंटरनेशनल सर्किट में कदम रखा और 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल, दोनों इवेंट में हिस्सा लिया।