Asian Games में अय्यर, बुमराह, अक्षर का क्या काम जब वनडे विश्वकप है सामने

भारतीय क्रिकेट टीम के चयन मापदंड एक बार फिर कटघरे में खड़े हो गए हैं। भारतीय टीम एक ओर वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी के लिए एकदिवसीय सीरीज खेल रही है वहीं एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल का बचाव करने के लिए जापान पहुंची हुई है।
ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों ने बोर्ड की रक्षात्मक रवैये की आलोचना की है। भारत ने जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन समेत कई विश्वविजेता खिलाड़ी शामिल किए हैं। जबकि अफगानिस्तान समेत अन्य एशियाई देशों ने अपनी दूसरे कतार की टीम जापान भेजी है। अगर एशियाई खेलों के लिए भी टीम को शीर्ष खिलाड़ियों की जरुरत है तो अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारियों को ताक पर क्यों रखा गया।

चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने की बजाए एशियाड में कप्तानी कर रहे श्रेयस अय्यर

श्रेयस अय्यर टी-20 के कप्तान है लेकिन वनडे टीम में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरते हैं। उनकी जगह वनडे टीम में ऋतुराज गायकवाड़ को लिया गया है। श्रेयस अय्यर का हालिया फॉर्म नासाज है और इंग्लैंड दौरे पर वह 3 मैचों में से सिर्फ एक मैच में अर्धशतक बना पाए थे वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू एकदिवसीय सीरीज में भी वह फ्लॉप रहे थे।

ऐसे में उनको एकदिवसीय टीम के साथ मैच खेलने की जरुरत है ना कि कमजोर टीम के खिलाफ स्वर्ण पदक जीतने की।

अक्षर पटेल की जगह रविंद्र जड़ेजा एकदिवसीय टीम में

ऐसा माना जा रहा था कि अक्षर पटेल रविंद्र जड़ेजा की जगह एकदिवसीय टीम में ले चुके हैं लेकिन चयनकर्ताओं ने एक बार फिर बैक गियर डाल दिया। 7 मैच और 300 गेंदों से विकेट के लिए तरस रहे रविंद्र जड़ेजा इंडीज के खिलाफ एक भी विकेट नहीं ले पाए और 6 की औसत से रन दिए। अक्षर पटेल जापान में ना होते तो भारत जापान के खिलाफ टी-20 मैच हार जाता लेकिन अक्षर पटेल की वनडे टीम को ज्यादा जरुरत है ना कि जापान में।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

जसप्रीत बुमराह को वनडे की फिटनेस सिद्ध करने की जरुरत

सबसे हैरान करने वाला निर्णय जसप्रीत बुमराह को एशियाड के लिए भेजने वाला रहा। इंडीज के खिलाफ वह लगातार 10 ओवर डालकर अपनी फिटनेस सिद्ध कर सकते थे लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें 4 ओवर डालने को ही कहा और जापान भेज दिया।

जसप्रीत बुमराह के लिए भारतीय टीम प्रबंधन ने 2027 विश्वकप के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई है। उनको सिर्फ टेस्ट और एकदिवसीय मैचों पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। इंग्लैंड दौरे के बाद उनका कार्यभार प्रबंधन धीरे धीरे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में इंडीज के खिलाफ उनके 5 से 7 ओवर के स्पैल ज्यादा महत्वपूर्ण होते।

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