Asia Cup: भारतीय महिलाओं ने पाकिस्तानी मोहसिन नकवी को फिर रुलाया, बेइज्जत कर भेजा घर

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार यह ट्रॉफी जीती। खिताबी जीत के बाद जिस घटना ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी, वह मैदान पर नहीं बल्कि प्रेजेंटेशन सेरेमनी में हुई।

ट्रॉफी देने के लिए एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी मंच पर मौजूद थे। हालांकि भारतीय टीम ने उनके हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। टीम प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंची, नकवी वहां थे तब टीम इंडिया अपने ड्रेसिंग रूम में रही।

इस फैसले की सबसे अहम कड़ी पिछले साल के पुरुष एशिया कप फाइनल से जुड़ी है। सितंबर 2025 में भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था। उस समय भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी और मेडल लेने से इनकार किया था। नकवी उस समय भी ACC अध्यक्ष होने के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन थे। वह ट्रॉफी अब तक भारत को नहीं मिली है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में ऐसा किया था और इस बार भी वही हुआ।

2026 के महिला एशिया कप फाइनल से पहले ही यह सवाल उठ रहा था कि अगर भारत चैंपियन बनता है तो ट्रॉफी कौन देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई ने ACC को पहले ही अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था। इसके बावजूद नकवी प्रेजेंटेशन के दौरान मंच पर मौजूद रहे।

 

 

भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने इस फैसले पर टीम के रुख का समर्थन किया। वहां मौजूद बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला टीम इंडिया से बात कर रहे थे लेकिन बाद में नकवी स्टेडियम छोड़कर चले गए।

ट्रॉफी विवाद से अलग अगर टूर्नामेंट की बात करें तो भारतीय टीम ने फाइनल में पूरी तरह दबदबा बनाया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 129 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। भारत ने 183 रन बनाए और इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी 111 रन पर समेट दी।

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