Arjun Tendulkar Runs-Wickets: सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के लिए विजय हजारे ट्रॉफी का मौजूदा सीजन बेहद खराब रहा. बाएं हाथ का ये ऑलराउंडर गेंद और बल्ले दोनों ओर से बुरी तरह फेल रहा. गोवा ने इस सीजन अर्जुन को 7 में से 6 मैचों में मैदान पर उतारा. वो ओपनिंग बैटिंग और ओपनिंग बॉलिंग करने आए लेकिन हर मैच में उन्हें नाकामी मिली. अर्जुन की नाकामी भी कुछ इस तरह की है कि ऐसे प्रदर्शन के बाद किसी भी खिलाड़ी का टीम में अपनी जगह बचाना मुश्किल हो जाए. आइए आपको बताते हैं कि विजय हजारे में कैसा रहा अर्जुन का प्रदर्शन?
अर्जुन तेंदुलकर बल्ले से फेल
अर्जुन तेंदुलकर विजय हजारे ट्रॉफी में 6 पारियों में बल्लेबाजी करने आए, वो एक बार नाबाद भी रहे लेकिन इसके बावजूद उनका बैटिंग एवरेज 11.6 का रहा. इस खिला़ी ने सिर्फ 58 रन ही बनाए. कमाल की बात ये है कि वनडे फॉर्मेट के इस टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 60.41 रहा. पूरे टूर्नामेंट में वो एक छक्का नहीं लगा सके और उनके बल्ले से 7 ही चौके निकले.
गेंदबाजी में भी फेल अर्जुन
अर्जुन तेंदुलकर गेंदबाजी में भी नाकाम साबित हुए. बाएं हाथ का ये तेज गेंदबाज 6 मैचों में एक विकेट ही ले पाया. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 326 रन लुटाए और उनका इकॉनमी रेट 7.2 रन प्रति ओवर रहा. टूर्नामेंट का आखिरी विकेट भी अर्जुन को आखिरी मैच में महाराष्टर के खिलाफ मिला. इस खिलाड़ी ने पृथ्वी शॉ को आउट किया.
गोवा की बुरी हालत
गोवा की टीम विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप सी में थी और 8 टीमों के इस ग्रुप में वो छठे स्थान पर रही. गोवा ने 7 में से 4 मैच गंवाए. गजब की बात ये है कि गोवा ने पहले तीन मैचों में लगातार तीन जीत हासिल की थी लेकिन इसके बाद उसे लगातार चार मैचों में हार का सामना करना पड़ा और वो क्वार्टर फाइनल की रेस से बाहर हो गई. गोवा ने मुंबई, उत्तराखंड, पंजाब और आखिर में महाराष्ट्र से मैच गंवाया.