RR vs CSK Records: वैभव सूर्यवंशी ने की सचिन-द्रविड़ की बराबरी, 16 साल बाद भी नहीं बदली CSK की कहानी

अगर पिछला सीजन सिर्फ एक ट्रेलर था तो इस सीजन में फिल्म शुरू हो गई है. पिछला सीजन खत्म होने के बाद से ही आईपीएल 2026 में जिस एक खिलाड़ी को देखने का सबसे ज्यादा इंतजार और बेकरारी थी, वो आखिर दिख गया. सिर्फ 14 साल की उम्र में IPL में डेब्यू कर हिट हुए वैभव सूर्यवंशी ने 15 की उम्र पार करते ही नए सीजन में 15 गेंदों में अर्धशतक लगा दिया. चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर ने वैसी ही विस्फोटक बैटिंग दिखाई, जिसकी आदत पिछले एक साल में हर किसी को पड़ गई.

गुवाहाटी में खेले गए इस मैच में चेन्नई के बल्लेबाजों ने राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए और पूरी टीम सिर्फ 127 रन पर ही ढेर हो गई थी. इसने एक उत्सुकता और साथ ही बेचैनी भी बढ़ा दी थी कि क्या गेंदबाजों की मददगार परिस्थितियों में वैभव सूर्यवंशी अपना वैसा जलवा दिखा पाएंगे, जिसके लिए वो मशहूर हो चुके हैं. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने न तो निराश किया और न ही अपना अंदाज बदला.

सबसे तेज अर्धशतक, सचिन की बराबरी

पिछले साल अपने डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर वैभव ने छक्का मारकर सबको चौंका दिया था. इस बार भी उन्होंने ऐसी ही कोशिश की लेकिन पहली ही गेंद पर वो आउट होने से बच गए क्योंकि कार्तिक शर्मा ने उनका कैच टपका दिया था और गेंद चौके के लिए लगी गई. मगर इसके बाद तो वैभव ने फाइन लेग को छोड़कर हर दिशा में बाउंड्री बटोरी और सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर दिया. ये इस बल्लेबाज का IPL में सबसे तेज अर्धशतक भी है. साथ ही इस सीजन के 3 मुकाबलों में भी किसी बल्लेबाज का सबसे तेज अर्धशतक है.

वैभव ने अपनी पारी में 17 गेंदों में 52 रन बनाए और इस दौरान 5 छक्के भी लगाए. इन 5 छक्कों के दम पर उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर दी, जबकि अपने पूर्व कोच राहुल द्रविड़ और मौजूदा कोच कुमार संगाकारा को पीछे छोड़ दिया. वैभव के नाम IPL के सिर्फ 8 मैच में ही अब 29 छक्के हो चुके हैं. सचिन ने भी IPL में इतने ही छक्के लगाए थे लेकिन इसके लिए 78 मैच खेले थे. वहीं द्रविड़ ने तो 89 मुकाबलों में 28 छक्के ही लगाए थे. संगाकारा भी सिर्फ 27 छक्कों के साथ वैभव से पीछे रह गए.

16 साल बाद भी CSK नाकाम

वहीं रिकॉर्ड के मामले में चेन्नई सुपर किंग्स भी पीछे नहीं रही, बस उसका रिकॉर्ड पहले से भी ज्यादा खराब हो गया. असल में इस मैच में CSK के दिग्गज पूर्व कप्तान एमएस धोनी नहीं थे. ये चेन्नई के इतिहास में सिर्फ छठा मैच था, जब धोनी CSK की प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे. सबसे पहले ऐसा 2010 में हुआ था और उस मैच में चेन्नई को जीत मिली थी. मगर उसके बाद से 4 और मैच CSK ने बिना धोनी के खेले थे और चारों में हार मिली थी. अब इस मैच के साथ ही 16 साल में लगातार 5वीं बार चेन्नई को धोनी के बिना शिकस्त झेलनी पड़ी है.