Satta Sammelan: सौरव गांगुली ने सुनाया मां का दिलचस्प किस्सा, बताया क्यों पहनते हैं इतनी सारी मालाएं?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली टीवी9 के खास कार्यक्रम सत्ता सम्मेलन 2026 का हिस्सा बने. पूर्व भारतीय कप्तान को इस इवेंट में देखने और सुनने के लिए फैंस बेहद बेकरार थे और गांगुली ने किसी को निराश नहीं किया. अपने करियर से लेकर रिटायरमेंट के बाद की व्यस्तताओं को लेकर भी सौरव गांगुली ने खुलकर बातें की. इस दौरान गांगुली ने एक मजेदार किस्सा सुनाया, जो उनकी मां से जुड़ा था और खुलासा किया कि क्यों वो अपने गले में इतनी सारी मालाएं पहनते हैं.

सौरव गांगुली को जिन्होंने भी खेलते हुए देखा है, वो जानते हैं कि वो हमेशा से ही गले पर खूब सारी मालाएं पहनकर रखते थे. जब इसको लेकर सवाल किया गया तो गांगुली ने मजेदार जवाब दिया. उन्होंने बताया, “ये मालाएं मेरी मां ने मुझे पहनाई हैं, इससे भगवान का आशीर्वाद मिलता है. मैं जब खेलने जाता था तो मेरी मां मुझसे 6 दिन पहले चेन ले लेती थी. फिर जाने से पहले सुबह चेन दोबारा गले में डाल देती थीं. मैं देखता था तो एक नया स्टोन उसमें जुड़ जाता था. मैंने पूछा क्या मेरे सारे सितारे खराब हैं. तो मां कहती थीं कि चुपचाप पहने, खेलने जाओ और सवाल मत करो.”

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सौरव गांगुली का भारतीय क्रिकेट में योगदान किसी से छुपा नहीं है. उन्होंने अपने लंबे करियर में 18 हजार से ज्यादा इंटरनेशनल रन तो बनाए ही लेकिन उससे भी ज्यादा उन्हें कप्तानी के लिए याद किया जाता है. वो गांगुली ही थे, जिन्होंने 2000 में मैच फिक्सिंग विवाद में फंसी टीम इंडिया की कप्तानी संभाली थी और उसे मजबूत नेतृत्व के दम पर बुलंदियों पर पहुंचाया था.

उनकी कप्तानी में ही टीम इंडिया ने 20 साल बाद 2003 के वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सफर तय किया था. वो भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में से एक हैं. गांगुली ने टीम इंडिया के लिए 113 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 7212 रन उन्होंने बनाए और 16 शतक लगाए. इसमें से 49 टेस्ट मैच में उन्होंने भारत की कप्तानी की थी और 21 में भारत को जीत मिली थी. वहीं 311 वनडे मैच में उन्होंने 11363 रन बनाए थे और 22 शतक लगाए थे.

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