Lucknow Super Giants: RPSG समूह के संजीव गोयनका लखनऊ सुपर जायंट्स का कुछ हिस्सा बेचने की तैयारी में हैं. इसी के साथ उन्होंने भी अपना नाम IPL की फ्रेंचाइजी के मलिकों की उस कतार में जोड़ लिया है, जो अपनी क्रिकेट टीमों से पैसा बनाने की योजना बना रहे हैं. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक संजीव गोयनका LSG की 15 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहे हैं.
LSG की हिस्सेदारी बेचने को लेकर निवेशकों का होगा अंतिम फैसला
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक LSG की हिस्सेदारी बेचने का अंतिम फैसला निवेशकों की ओर से किए जाने वाले मूल्यांकन पर निर्भर करेगा. अगर ऑफर आकर्षक नहीं रहे तो RPSG समूह इस मामले में आगे नहीं बढ़ सकता है. संजीव गोयनका का ये कदम ऐसे समय में उठा है जब निवेशक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स जैसी फ्रेंचाइजी हासिल करने के लिए आगे आ रहे हैं.
7,090 करोड़ रुपये में RPSG ने LSG को खरीदा था
RPSG समूह ने नवंबर 2021 में 7,090 करोड़ रुपये में लखनऊ फ्रेंचाइजी हासिल की थी. ये फ्रेंचाइजी RPSG स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से रखी गई है. केयरएज रेटिंग्स के अनुसार, पहली छमाही फाइनेंशियल ईयर 2026 के दौरान, RPSL को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से फ्रेंचाइजी अधिकारों के तौर पर 399 करोड़ रुपये मिले, जबकि वित्त वर्ष 2025 में इसने 458 करोड़ रुपये जुटाए. पहली छमाही वित्त वर्ष 2026 में, इस आईपीएल फ्रेंचाइजी ने 495.9 करोड़ रुपये का राजस्व और 63.7 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया.
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 में रेवन्यू में 20 प्रतिशत की गिरावट आई और वो 557 करोड़ रुपये रह गया, जिसकी मुख्य वजह उस साल खेले मैचों की कम संख्या और आईपीएल सीजन 2024 में LSG की रैंकिंग का 2023 की तुलना में कम होना था. पहली छमाही वित्त वर्ष 2026 में, कंपनी के राजस्व में पहली छमाही वित्त वर्ष 2025 की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की तेजी आई. RPSG समूह को फाइनेंशियल ईयर 2031 तक हर साल 709 करोड़ रुपये का फ्रेंचाइजी शुल्क देना है.