India in T20 World Cup 2026: वो कहते हैं एक हाथ से लो, दूसरे हाथ से दो. ऐसा नहीं होने पर कर्ज का बोझ रहता है. टीम इंडिया ये कतई नहीं चाहती थी. साउथ अफ्रीका ने जैसे ही टीम इंडिया पर मेहरबानी की, अगले कुछ घंटे के भीतर ही, उसने उसका हिसाब चुकता कर दिया. साउथ अफ्रीका ने जो किया, टीम इंडिया ने उसका हिसाब भी सूद समेत चुकाया. भारत ने साउथ अफ्रीका की मेहरबानी का हिसाब साउथ अफ्रीका पर अपनी जीत की स्क्रिप्ट लिखते हुए रफा-दफा किया.
साउथ अफ्रीका ने की टीम इंडिया पर मेहरबानी
अब आप सोच रहे होंगे कि साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया पर मेहरबानी क्या की? तो उसके तार वेस्टइंडीज पर दर्ज की उसकी 9 विकेट की जीत से जुड़े हैं. दरअसल, टीम इंडिया की जिम्बाब्वे पर जीत का मोल नहीं रह जाता अगर उससे पहले साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को नहीं हराया होता. भारत के सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए साउथ अफ्रीका का वेस्टइंडीज को हराना जरूरी था, जो कि उसने बखूबी किया. ऐसा किया कि वेस्टइंडीज का रन रेट भी औंधे मुंह गिरा.
टीम इंडिया ने सूद समेत उतारा कर्ज
अब साउथ अफ्रीका ने ये मेहरबानी कर जो कर्ज टीम इंडिया के माथे पर चढ़ा दिया था, उसे उतारना तो था ही. इसके लिए उसने जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी जीत का नगाड़ा बजाया. भारत ने जिम्बाब्वे को चेन्नई में खेले मुकाबले में 72 रनों से बड़ी शिकस्त दी और उसी के साथ ना सिर्फ सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा. बल्कि साउथ अफ्रीका को सेमीफाइनल का टिकट दिलाकर उसका कर्ज सूद समेत चुका दिया. साउथ अफ्रीका अब इंग्लैंड के बाद T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है.
अब वेस्टइंडीज से हारना मना है!
साउथ अफ्रीका का कर्ज उतारने के बाद टीम इंडिया के सामने अब सेमीफाइनल का अपना टिकट कन्फर्म कराने का चैलेंज है. इसके लिए उसे सुपर संडे को होने वाले मुकाबले वेस्टइंडीज को हराना जरूरी है. भारत और वेस्टइंडीज के बीच संडे को कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर आर-पार की लड़ाई होगी. बड़ी बात ये है कि उस मुकाबले में रन रेट का कोई रोना नहीं है. जो टीम जीतेगी वो सीधे सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेगी. मतलब, वो मुकाबला नॉक आउट होगा.
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