पहली बार रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेल रही जम्मू-कश्मीर (J & K) ने अपनी पहली पारी में ही कर्नाटक के गेंदबाजों को बुरी तरह थकाते हुए 584 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया. हुबली में चल रहे फाइनल में पहले बैटिंग कर रही जम्मू-कश्मीर ने शुभम पुंडीर के शानदार शतक के बाद कप्तान पारस डोगरा समेत 4 बल्लेबाजों के अर्धशतक की मदद से ये बड़ा स्कोर बनाकर कर्नाटक को पस्त कर दिया. मैच के तीसरे दिन कर्नाटक ने आखिरकार इस पारी पर ब्रेक लगाए और इसमें अहम भूमिका निभाई अनुभवी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने, जिन्होंने अकेले ही पाकिस्तान के 5 विकेट झटक लिए.
गुरुवार को रणजी फाइनल के तीसरे दिन J & K ने अपनी पहली पारी को 6 विकेट के नुकसान पर 527 रन के स्कोर से आगे बढ़ाया. ऐसा लग रहा था कि टीम आसानी से 600 रन का आंकड़ा भी पार कर लेगी. मगर तीसरा दिन 7 ओवर के अंदर ही 2 विकेट गिर गए और ये दोनों शिकार लंबे कद के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने किए. शुरुआती 2 दिनों में कर्नाटक के सबसे असरदार गेंदबाज साबित हुए प्रसिद्ध ने ही इस बार भी टीम को सफलता दिलाई.
करियर में चौथी बार झटके 5 विकेट
भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा प्रसिद्ध कृष्णा ने इस दौरान आकिब नबी को आउट करते ही अपने 5 विकेट भी पूरे कर लिए और इस फाइनल को अपने लिए यादगार बना दिया. उन्हें इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ी और J & K के बल्लेबाजों ने कर्नाटक के सभी गेंदबाजों को खूब परेशान किया लेकिन कृष्णा ने 5 विकेट लेकर ही दम लिया. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ये सिर्फ चौथी बार है, जब उन्होंने एक पारी में 5 शिकार किए. अपने 34.1 ओवर के स्पैल में इस तेज गेंदबाज ने 98 रन दिए और ये 5 विकेट हासिल किए. वो इस पारी में सबसे ज्यादा ओवर डालने वाले दूसरे बॉलर रहे. सिर्फ शिखर शेट्टी ने उनसे ज्यादा गेंदबाजी की और 37 ओवर डाले.
जम्मू के बल्लेबाजों ने खूब रन लूटे
वहीं जम्मू-कश्मीर के लिए दूसरी ओर से साहिल लोटरा ने पारी को संभाला हुआ था और टीम को 600 रन के करीब ले जा रहे थे. मगर टीम के 573 रन के स्कोर पर साहिल को विजयकुमार वैशाक ने आउट किया और फिर जल्द ही 584 रन पर जम्मू-कश्मीर की पारी खत्म हुई. उसके लिए पहले दिन शतक लगाने वाले शुभम पुंडीर (121) के अलावा कप्तान पारस डोगरा (70), साहिल लोटरा (72), कन्हैया वाधवन (70) और अब्दुल समद (61) ने भी अर्धशतक जमाए.