स्पोर्ट्सः हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर इतिहास रच दिया. कप्तान आयुष म्हात्रे की अगुवाई वाली टीम ने अब तक के रिकॉर्ड छह खिताब अपने नाम किए, जो इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा हैं.
यह जीत भारतीय युवा क्रिकेट की मजबूती और प्रतिभा का शानदार प्रमाण बनी.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला
टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी चुनी. सेमीफाइनल के स्टार आरोन जॉर्ज जल्दी आउट हो गए, लेकिन इससे टीम का मनोबल नहीं टूटा. वैभव सूर्यवंशी ने कमाल का प्रदर्शन किया. 14 साल के इस युवा ने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोके, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. उनकी तूफानी पारी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया. कप्तान थॉमस रेव को कई रणनीतियां बदलनी पड़ीं, लेकिन सूर्यवंशी को रोक पाना नामुमकिन था.
कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 51 गेंदों में 53 रन बनाए. म्हात्रे के आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने रन रेट को और तेज किया. ऐसा लग रहा था कि भारत 500 का आंकड़ा पार कर लेगा. हालांकि, मैनी लम्सडेन ने 25वें ओवर में उन्हें आउट कर दिया. सूर्यवंशी के जाने के बाद भी निचले क्रम ने संघर्ष किया. कनिष्क चौहान की 37 रनों की ताबड़तोड़ पारी ने भारत को 50 ओवर में 411/9 तक पहुंचाया, जो यू-19 विश्व कप फाइनल का सर्वोच्च स्कोर है.
इंग्लैंड का पीछा मुश्किल
412 रनों का लक्ष्य पीछा करना बेहद कठिन था. इंग्लैंड ने शुरुआत में संभलकर खेला. अंबरीश ने पहले विकेट लिया, जब स्कोर 19 था. डॉकिन्स एक छोर पर टिके रहे, जबकि बेन मेस और थॉमस रेव ने आक्रामकता दिखाई. 21वें ओवर में निर्णायक मोड़ आया डॉकिन्स और राल्फिन अल्बर्ट के विकेट गिरे, फिर दो और विकेट. इंग्लैंड 177/7 पर सिमट गया.
फिर कैलेब फाल्कनर और जेम्स मिंटो ने 92 रनों की साझेदारी की. फाल्कनर ने शानदार शतक (67 गेंदों में 115 रन) लगाया और मैच को रोमांचक बनाए रखा. लेकिन अंबरीश ने मिंटो को आउट कर भारत को राहत दी. आखिर में कनिष्क चौहान ने फाल्कनर को पवेलियन भेजा और इंग्लैंड 40.2 ओवर में 311 पर ऑलआउट हो गया. भारत ने 100 रनों से जीत दर्ज की.