वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 80 गेंदों में 175 रन बनाए. गजब की बात ये है कि वैभव ने इस टूर्नामेंट में अपना पहला शतक फाइनल मैच में लगाया. लीग मैचों और सेमीफाइनल में उन्होंने अच्छी पारियां खेली लेकिन वो शतक नहीं लगा सके. सवाल ये है कि आखिर फाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा क्या कर दिया कि उन्होंने इतना विस्फोटक शतक लगा दिया. इसका खुलासा वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा ने किया है. मनीष ओझा ने बताया कि फाइनल मैच से पहले उन्होंने सूर्यवंशी को फोन किया था. ओझा ने उन्हें बताया कि उनके सिर में दिक्कत है जिसकी वजह से वो शॉर्ट बॉल पर आउट हो रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी को आया कोच का फोन
वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा ने टीवी9 से खास बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने शिष्य को फोन पर बताया कि पुल शॉट खेलते हुए उनके सिर की पोजिश में दिक्कत है, वो बार-बार पीछे जा रहा है. मनीष ओझा ने कहा, ‘वैभव पुल शॉट पर बार-बार आउट हो रहा था तो मैंने उसे बताया कि तुम्हारा हेड पीछे जा रहा है, थोड़ा बॉल की लाइन में आकर मारोगे तो सही शॉट लगेगा. अगर समय हो तो प्रैक्टिस कर लेना. शॉर्ट बॉल मिले तो उसे छोड़ना मत बल्कि उसकी लाइन में घुसकर उसे मारना.’
वैभव सूर्यवंशी की मेहनत लाई रंग
वैभव सूर्यवंशी की मेहनत रंग लाई. इस खिलाड़ी के खिलाफ इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने लगातार शॉर्ट गेंद का इस्तेमाल किया लेकिन इस बार वैभव मेहनत करके आए थे. उन्होंने शॉर्ट गेंद पर ही पहला छक्का जड़ा और वो उसके बाद रुके ही नहीं. सूर्यवंशी ने मैच में 15 छक्के और 15 चौके मारे. 150 रन उन्होंने छक्के-चौकों से ही बना डाले. सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल का सबसे तेज शतक लगाया. उन्होंने फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर बनाया. सूर्यवंशी ने सबसे ज्यादा छक्के लगाए. कोच की बात मानने का सूर्यवंशी को जबरदस्त फायदा हुआ.