स्पोर्ट्स : महिला प्रीमियर लीग 2026 के खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का जबरदस्त जलवा देखने को मिला. गुरुवार को खेले गए इस रोमांचक मैच में बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को मात देकर दूसरी बार चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.
इस शानदार जीत के साथ ही आरसीबी अब मुंबई इंडियंस की बराबरी पर आ गई है, जिसने दो बार यह प्रतिष्ठित खिताब जीता है. दूसरी ओर, दिल्ली कैपिटल्स के लिए हार का सिलसिला जारी रहा और वह लगातार चौथी बार फाइनल हारने वाली बदनसीब टीम बनी.
दिल्ली की मजबूत और आक्रामक बल्लेबाजी
आपको बता दें कि टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत काफी प्रभावशाली और तेज रही. सलामी बल्लेबाज लिजेल ली और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़कर टीम को ठोस आधार प्रदान किया. शेफाली ने 13 गेंदों में 20 रन बनाए, जबकि लिजेल ली ने 30 गेंदों में 37 रनों की आक्रामक पारी खेली. कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने शानदार अर्धशतक जड़ते हुए 57 रन बनाए. अंत में वुलफार्ट के 44 और शिनेल हेनरी के नाबाद 35 रनों की मदद से दिल्ली ने 203 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया.
आरसीबी का जवाबी हमला
204 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. टीम ने दूसरे ही ओवर में ग्रेस हैरिस का बड़ा विकेट खो दिया, जो केवल 9 रन बना सकीं. लेकिन इसके बाद मैदान पर जो रोमांच शुरू हुआ, उसने पूरे मैच का रुख ही पलट दिया. कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल के बीच एक ऐसी ऐतिहासिक साझेदारी हुई, जिसने दिल्ली के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए. दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मैदान के चारों तरफ शानदार स्ट्रोक्स लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.
92 गेंदों में 165 रनों की बेमिसाल साझेदारी
स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 गेंदों में 165 रनों की बेमिसाल साझेदारी हुई. यह महिला प्रीमियर लीग के इतिहास की किसी भी विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी पार्टनरशिप दर्ज की गई है. जॉर्जिया वॉल ने 54 गेंदों में शानदार 79 रन बनाए. वहीं, कप्तान स्मृति मंधाना ने मोर्चे से टीम का नेतृत्व करते हुए मात्र 41 गेंदों में 87 रनों की आक्रामक पारी खेली. इस साझेदारी ने बेंगलुरु के लिए खिताबी जीत की राह को पूरी तरह से आसान और रोमांचक बना दिया.
अंतिम ओवरों में रोमांच अपने चरम पर
मैच के अंतिम ओवरों में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया था. जॉर्जिया वॉल और स्मृति मंधाना के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी जल्दी पवेलियन लौट गईं. बेंगलुरु को अब भी जीत के लिए कुछ महत्वपूर्ण रनों की दरकार थी. ऐसे में राधा यादव ने मैदान पर अपनी बल्लेबाजी का जौहर दिखाया. उन्होंने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर एक शानदार चौका जड़कर अपनी टीम को चैंपियन बना दिया. बेंगलुरु ने 19.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 204 रन बनाए और दो गेंद शेष रहते शानदार जीत दर्ज की.
हार एक बार फिर गहरा जख्म दे गई
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार एक बार फिर गहरा जख्म दे गई. डब्ल्यूपीएल के इतिहास में दिल्ली की टीम लगातार चारों सीजन के फाइनल में पहुंचने में सफल रही है, लेकिन विडंबना यह है कि हर बार उसे उपविजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा. 203 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बावजूद उनकी गेंदबाजी मंधाना और वॉल की जोड़ी को रोकने में नाकाम रही. आरसीबी के लिए अरुंधति रेड्डी, एन डी क्लार्क और सायली सातघरे ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक-एक महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किया.