रणजी ट्रॉफी में शाहबाज अहमद का शानदार प्रदर्शन, टीम इंडिया के लिए बन सकते हैं बेन स्टोक्स जैसे ऑलराउंडर

रणजी ट्रॉफी में शाहबाज अहमद का जलवारणजी ट्रॉफी में टीम इंडिया के ऑलराउंडर: भारतीय घरेलू क्रिकेट में हर साल कुछ ऐसे खिलाड़ी उभरते हैं, जो अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित करते हैं।

इस बार बंगाल के स्टार ऑलराउंडर शाहबाज अहमद ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में अपनी छाप छोड़ी है।

गेंद और बल्ले दोनों से उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा है कि टीम इंडिया में उनकी वापसी की चर्चा फिर से शुरू हो गई है। 11 पारियों में 35 विकेट और लगभग 363 रन बनाकर शाहबाज ने साबित कर दिया है कि वह केवल घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं।

गेंदबाजी में शाहबाज का कमाल

इस सीजन में शाहबाज की सबसे बड़ी ताकत उनकी लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी रही है। छह मैचों में 11 पारियों में 35 विकेट लेना एक बड़ी उपलब्धि है, और उन्होंने चार बार एक पारी में पांच विकेट भी लिए हैं।

सही लाइन-लेंथ और बल्लेबाजों को फंसाने की उनकी कला ने उन्हें टूर्नामेंट के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में शामिल कर दिया है। हरियाणा के खिलाफ उनका 6 विकेट का स्पेल इस बात का प्रमाण है कि वह अकेले मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

बल्ले से भी साबित किया ऑलराउंडर का दावा

शाहबाज केवल गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि उन्होंने बल्ले से भी अपनी क्षमता साबित की है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में नौ पारियों में 45 से अधिक की औसत से 363 रन बनाना किसी भी ऑलराउंडर के लिए एक शानदार उपलब्धि है। इस दौरान उनके नाम एक शतक और दो अर्धशतक भी हैं।

हैदराबाद के खिलाफ शतक और असम के खिलाफ नाबाद 66 रन उनकी बल्लेबाजी की परिपक्वता को दर्शाते हैं। निचले क्रम में आकर टीम को मजबूती देना उनकी सबसे बड़ी विशेषता बन चुकी है।

टीम इंडिया से दूरी और वापसी की संभावनाएं

शाहबाज अहमद काफी समय से टीम इंडिया से बाहर हैं। आखिरी बार उन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 स्क्वाड में मौका मिला था, लेकिन वह प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं हो सके।

भारत के लिए सीमित मौकों में भी उन्होंने अपनी उपयोगिता दिखाई है, लेकिन लगातार मौके न मिलने से उनका अंतरराष्ट्रीय करियर ठहर सा गया है। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ता अब उनके नाम पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं।

हालांकि, शाहबाज ने भारत के लिए 3 वनडे और 2 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने क्रमश: 3 और 2 विकेट लिए हैं। उनका आखिरी मैच 7 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ एशियाई खेलों में था।

घरेलू आंकड़े जो बनाते हैं मजबूत दावेदारी

अगर शाहबाज के पूरे घरेलू करियर पर नजर डालें तो उनकी निरंतरता स्पष्ट है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 40 मैचों में 2000 से अधिक रन और नियमित विकेट, लिस्ट ए और टी20 में भी उपयोगी प्रदर्शन उन्हें एक संपूर्ण ऑलराउंडर बनाता है।

जब टीम इंडिया को स्पिन ऑलराउंडर की आवश्यकता है, तो शाहबाज का नाम चर्चा में आता है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 का यह सीजन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जहां से टीम इंडिया का दरवाजा फिर से उनके लिए खुलता नजर आ रहा है।

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