सिहाग ने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब ऐसे सुरक्षित किया कि विरोधी शटलर मलेशिया की गो जिन वी बीच मैच में रिटायर्ड हो गईं। भारतीय शटलर ने 21-8, 6-3 से मैच पर नियंत्रण बना रखा था, जब दुनिया की 68वीं रैंक वाली जिन वी ने हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैच से हटने का फैसला किया। जिन वी दो बार की वर्ल्ड जूनियर चैंपियन भी रह चुकी हैं। देविका ने अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता।
20 साल की देविका सिहाग पीवी सिंधू और साइना नेहवाल के बाद बीडब्ल्यूएफ 300 खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। उन्होंने थाईलैंड मास्टर्स में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और इस दौरान पहली, पांचवीं व आठवीं वरीय खिलाड़ियों को मात दी।
कहां की सिहाग ने ट्रेनिंग
दुनिया में 63वीं रैंकिंग वाली देविका ने बेंगलुरु में पादुकोण-द्रविड़ सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस में उमेंद्र राणा की निगरानी में ट्रेनिंग की। उन्होंने दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधू के साथ इंडोनेशियाई कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा के अंडर में अपनी शैली को सुधारा।
देविका सिहाग की सर्किट में प्रगति धीमी और निरंतर रही है। उन्होंने अगस्त 2025 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब मलेशिया अंतरराष्ट्रीय में जीता। फिर 2025 वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत की मिक्स्ड टीम के ब्रॉन्ज मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई।
पिछले सीजन में देविका इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 100 में रनर्स-अप रहीं और 2024 में चार फाइनल में पहुंची। उन्होंने स्वीडिश ओपन और पुर्तगाल अंतरराष्ट्रीय में खिताब जीते जबकि एस्टोनियन अंतरराष्ट्रीय और डच अंतरराष्ट्रीय में दूसरे स्थान पर रहीं।