ऑकलैंड। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम की बल्लेबाजी को मुश्किल में डाल दिया है। ऑकलैंड के ईडन पार्क मैदान पर खेले जा रहे मुकाबले में न्यूजीलैंड की आधी टीम महज 97 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गई।
मेजबान टीम को पांचवां झटका डेरिल मिचेल के रन आउट होने से लगा। इससे पहले भारतीय तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और अर्शदीप सिंह ने अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखाते हुए दो-दो विकेट हासिल किए। लगातार विकेट गिरने के कारण न्यूजीलैंड की टीम दबाव में नजर आई और भारतीय टीम ने मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार, 4 नवंबर को खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। कप्तान का यह निर्णय शुरुआती चरण में भारतीय टीम के पक्ष में जाता दिखाई दिया। भारतीय तेज गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए।
न्यूजीलैंड की टीम घरेलू मैदान पर मजबूत शुरुआत करने के इरादे से बल्लेबाजी करने उतरी थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उसकी योजनाओं को सफल नहीं होने दिया। अर्शदीप सिंह ने शुरुआती सफलता दिलाकर मेजबान टीम पर दबाव बनाया। उन्होंने हेनरी निकोल्स को भी पवेलियन भेजा, जो महज नौ रन बनाकर आउट हुए।
दूसरी ओर गुरनूर बराड़ ने भी अपनी तेज गेंदबाजी से प्रभावित किया। उन्होंने टिम साइफर्ट को आउट कर न्यूजीलैंड को महत्वपूर्ण झटका दिया। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज टॉम लाथम को भी पवेलियन भेजकर उन्होंने भारतीय टीम की स्थिति मजबूत कर दी।
टॉम लाथम न्यूजीलैंड के अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं। मध्यक्रम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। वह मुश्किल परिस्थितियों में टीम की पारी संभालने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में उनका जल्दी आउट होना मेजबान टीम के लिए बड़ा नुकसान साबित हुआ।
न्यूजीलैंड का चौथा विकेट 84 रन के स्कोर पर गिरा था। इसके बाद टीम को उम्मीद थी कि डेरिल मिचेल और अन्य बल्लेबाज मिलकर पारी को संभालेंगे, लेकिन 97 रन के स्कोर पर मिचेल के रन आउट होने से न्यूजीलैंड को पांचवां झटका लग गया।
डेरिल मिचेल का रन आउट होना मैच के इस चरण में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। मिचेल न्यूजीलैंड के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। मध्यक्रम में उनकी मौजूदगी टीम को मजबूती देती है। ऐसे में उनका रन आउट होना मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ाने वाला रहा।
वनडे क्रिकेट में रन आउट किसी भी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि इससे अच्छी बल्लेबाजी कर रहे खिलाड़ी को गेंदबाज के सीधे प्रयास के बिना ही अपना विकेट गंवाना पड़ता है। न्यूजीलैंड के लिए मिचेल का विकेट इसलिए भी अहम था, क्योंकि टीम पहले ही चार बल्लेबाजों को खो चुकी थी।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ ने दो-दो विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। दोनों गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के शीर्ष और मध्यक्रम को दबाव में रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से गुरनूर ने साइफर्ट और लाथम जैसे बल्लेबाजों को आउट करके अपनी उपयोगिता साबित की।
भारतीय टीम इस मुकाबले में तेज गेंदबाजी को प्राथमिकता देते हुए मैदान पर उतरी है। कप्तान शुभमन गिल ने अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, औकिब नबी और अंशुल कंबोज को गेंदबाजी आक्रमण में शामिल किया है। इसके अलावा अक्षर पटेल और नमन धीर भी टीम को ऑलराउंड विकल्प प्रदान करते हैं।
मैच से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा था कि बादलों से घिरी परिस्थितियों और संभावित मौसम संबंधी बदलाव को ध्यान में रखते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया गया है। भारतीय टीम ने चार तेज गेंदबाजों और दो ऑलराउंडरों के संयोजन के साथ मैदान पर उतरने की रणनीति अपनाई।
ऑकलैंड का ईडन पार्क मैदान अपनी छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है। यहां बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने का मौका मिलता है, लेकिन गेंदबाज यदि सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करें तो विकेट हासिल करना भी संभव है। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती चरण में इसी रणनीति का फायदा उठाया।
न्यूजीलैंड की टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पारी को संभालने और भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने की है। पांच विकेट गिरने के बाद टीम के शेष बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। कप्तान मिचेल सेंटनर, ग्लेन फिलिप्स और निचले क्रम के अन्य खिलाड़ियों को उपयोगी साझेदारियां करनी होंगी।
न्यूजीलैंड के पास ग्लेन फिलिप्स जैसे आक्रामक बल्लेबाज मौजूद हैं, जो तेजी से रन बनाकर मैच की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, लगातार विकेट गिरने के बाद किसी भी बल्लेबाज के लिए खुलकर खेलना आसान नहीं होता।
भारतीय टीम की कोशिश होगी कि न्यूजीलैंड को कम से कम स्कोर पर रोका जाए। यदि मेजबान टीम बड़ा लक्ष्य खड़ा करने में सफल नहीं होती है, तो भारतीय बल्लेबाजों के लिए लक्ष्य का पीछा करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
भारत के बल्लेबाजी क्रम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज मौजूद हैं। इन खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है। ऐसे में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय बल्लेबाजों पर भी अच्छी पारी खेलने की जिम्मेदारी होगी।
इस वनडे सीरीज को अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय टीम युवा गेंदबाजों को अवसर देकर अपने विकल्पों को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। वहीं न्यूजीलैंड भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज में अच्छी शुरुआत करना चाहेगा।
फिलहाल 97 रन पर पांच विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है। अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ की शानदार गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बैकफुट पर धकेल दिया है। डेरिल मिचेल के रन आउट होने से मेजबान टीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब भारतीय गेंदबाजों की नजर न्यूजीलैंड के बाकी बल्लेबाजों को जल्द पवेलियन भेजने पर होगी।