Sarfaraz Khan: भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज सरफराज खान का घरेलू क्रिकेट में रनों की बारिश करने का सिलसिला जारी है. रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दूसरे राउंड के मुकाबले में मुंबई की तरफ से खेलते हुए सरफराज ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी की एक शानदार शतक जड़ दिया है.
रेड बॉल क्रिकेट में सरफराज का यह गजब का फॉर्म दिखाता है कि घरेलू क्रिकेट में उनका कोई जवाब नहीं है. सरफराज खान ने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स खेलते हुए महज 151 गेंदों में अपना यह शतक पूरा किया. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में यह उनके करियर की 18वीं सेंचुरी है. बता दें कि हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में सरफराज को जगह नहीं मिली है.
गेंदबाजों पर भारी पड़ी सरफराज आनंद की जुगलबंदी
इस मैच में टॉस जीतकर मुंबई की टीम ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. मुंबई के गेंदबाजों के घातक प्रदर्शन के सामने हिमाचल प्रदेश की पहली पारी सिर्फ 140 रनों पर सिमट गई. इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही थी, लेकिन नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने आए सरफराज खान ने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया. उन्होंने मैदान पर टिककर न सिर्फ अपना शतक पूरा किया, बल्कि आकाश आनंद के साथ मिलकर एक बड़ी साझेदारी की मुंबई की बढ़त को 258 रनों के पार पहुंचा दिया.
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सरफराज का ‘ब्रैडमैन’ जैसा रिकॉर्ड
सरफराज खान का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में रिकॉर्ड्स का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर जा रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरफराज अब तक 66 फर्स्ट-क्लास मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 70 से ज्यादा के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 5000 से अधिक रन बना लिए हैं. इस दौरान उनका बैटिंग औसत लगभग 65+ का है, जो दुनिया के महानतम बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन के बाद सबसे बेहतरीन औसत में गिना जाता है. पिछले कुछ रणजी सीजन से रनों का अंबार लगा रहे सरफराज के बल्ले से अब तक 18 शानदार शतक 16 अर्धशतक निकल चुके हैं. हिमाचल के खिलाफ 19 अक्टूबर 2026 को लगाई गई इस बेहतरीन सेंचुरी के बाद उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें लंबे फॉर्मेट का सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी क्यों माना जाता है.
क्रिकेट फैंस एक्सपर्ट्स का लंबे समय से यह मानना रहा है कि सरफराज खान को राष्ट्रीय टीम में लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा है. घरेलू क्रिकेट में साल दर साल रनों का अंबार लगाने लगभग 65 के बेमिसाल औसत के बावजूद, उन्हें टीम इंडिया में मौका पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें ड्रॉप किया जाता है या स्क्वाड में शामिल नहीं किया जाता, तो सोशल मीडिया पर सेलेक्टर्स के फैसलों पर बड़े सवाल उठते हैं. हालांकि, इन सब विवादों के बीच सरफराज का ध्यान कभी नहीं भटका उन्होंने हर बार टीम से बाहर होने के बाद मैदान पर रनों की बौछार कर सेलेक्टर्स को बल्ले से करारा जवाब दिया है.