नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट फाइनल में भारत के हाथों मिली हार का दर्द पाकिस्तान के खिलाड़ियों के मन से अभी तक नहीं गया है। पाकिस्तान के बल्लेबाज हसन नवाज ने बुधवार को स्वीकार किया कि गोल्ड मेडल मुकाबले में भारत से हारने की निराशा अब भी उन्हें परेशान कर रही है।
उनका कहना है कि टीम ने लक्ष्य का पीछा करते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कीं और उन्हीं की वजह से पाकिस्तान को खिताबी मुकाबला गंवाना पड़ा।
भारत ने 3 अक्टूबर को जापान में खेले गए एशियन गेम्स पुरुष क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान की टीम 6 विकेट पर 192 रन तक ही पहुंच सकी। हसन नवाज ने अकेले 96 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को आखिर तक मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन वह पाकिस्तान को जीत नहीं दिला सके।
‘फाइनल नहीं जीत पाने का दुख अब भी है’
हसन नवाज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फाइनल हारने का दर्द अभी भी उनके साथ है। उन्होंने कहा कि टीम ने कुछ छोटी गलतियां कीं और उसी की कीमत गोल्ड मेडल गंवाकर चुकानी पड़ी।हसन के मुताबिक वह अपनी बल्लेबाजी और बनाए गए रनों से संतुष्ट थे, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा मायने टीम की जीत रखती है। उन्हें विश्वास था कि पाकिस्तान मैच जीत सकता है, इसलिए हार की निराशा ज्यादा है।
भारत के खिलाफ बनाए थे 96 रन
खिताबी मुकाबले में हसन नवाज ने मुश्किल परिस्थिति में पाकिस्तान की पारी संभाली थी। 212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने एक समय 39 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे।इसके बाद हसन नवाज और सईम अयूब ने चौथे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी की। इस पार्टनरशिप ने पाकिस्तान की उम्मीदें फिर से जगा दी थीं।हसन ने 51 गेंदों पर 96 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और सात छक्के शामिल थे। उन्होंने महज 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। वह मैच की आखिरी गेंद पर आउट हुए और चार रन से शतक से चूक गए।
बुमराह के आखिरी ओवर को लेकर बनाई थी रणनीति
हसन नवाज ने बताया कि वह लक्ष्य का पीछा करते समय गणना के मुताबिक बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्हें पता था कि आखिरी समय में जसप्रीत बुमराह का केवल एक ओवर बाकी रहेगा और उन्हें लगा था कि पाकिस्तान उस स्थिति का फायदा उठा सकता है।उनके मुताबिक टीम मैच जीतने की स्थिति में थी, लेकिन रन चेज के दौरान हुई गलतियों ने मैच का रुख बदल दिया।उन्होंने यह भी माना कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है।
भारत ने खड़ा किया था 211 रन का बड़ा स्कोर
भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने फाइनल में तूफानी बल्लेबाजी की। उन्होंने 28 गेंदों में 61 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन चौके और सात छक्के निकले।इसके बाद तिलक वर्मा ने अंतिम ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। शिवम दुबे ने भी 15 गेंदों में 27 रन की उपयोगी पारी खेली।इन पारियों की बदौलत भारत ने पाकिस्तान के सामने 212 रन का कठिन लक्ष्य रखा।
खराब शुरुआत के बावजूद पाकिस्तान ने दी टक्कर
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शीर्ष क्रम के विकेट जल्दी गिर गए और स्कोर 39 रन पर तीन विकेट हो गया।इसके बाद हसन नवाज ने मोर्चा संभाला। सईम अयूब ने 22 गेंदों पर 29 रन बनाए, जबकि माज सदाकत ने 23 रन जोड़े।हसन की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण पाकिस्तान आखिरी ओवर तक मैच में बना रहा। हालांकि भारत ने दबाव के समय बेहतर गेंदबाजी की और पाकिस्तान को 192 रन पर रोक दिया।
भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में नहीं खोया नियंत्रण
भारत के लिए अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट लिए। इन गेंदबाजों ने पाकिस्तान की साझेदारियों को अहम मौकों पर तोड़ा।मैच के आखिरी चरण में जसप्रीत बुमराह का ओवर भी निर्णायक साबित हुआ। पाकिस्तान को अंतिम ओवरों में तेजी से रन चाहिए थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में नियंत्रण बनाए रखा।आखिरकार भारत ने मुकाबला 19 रन से जीतकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
‘भारत नंबर वन टीम, उनके खिलाफ खेलना चुनौती’
हसन नवाज ने भारत को दुनिया की शीर्ष टीम बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत के खिलाफ मैदान में उतरते समय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं। हसन के मुताबिक अब टीम को हार से सबक लेना होगा और अगली बार भारत को हराने के लिए अपनी गलतियां सुधारनी होंगी।
लंबे समय बाद टीम में लौटे थे हसन
हसन नवाज ने यह भी कहा कि भारत के खिलाफ अच्छी पारी खेलना व्यक्तिगत रूप से उनके लिए संतोषजनक रहा। वह पिछले साल के अधिकांश समय टीम से बाहर रहे थे।वापसी के बाद एशियन गेम्स फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में 96 रन बनाना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला प्रदर्शन रहा, लेकिन उन्होंने साफ किया कि टीम की हार के कारण वह अपनी पारी का पूरा आनंद नहीं ले पाए।
शतक से भी चूके, गोल्ड से भी
हसन के लिए यह मैच दोहरे अधूरेपन वाला रहा। एक तरफ पाकिस्तान गोल्ड मेडल से चूक गया, दूसरी ओर वह खुद चार रन से शतक पूरा नहीं कर सके।मैच की आखिरी गेंद पर उनका विकेट गिरा और उनकी पारी 96 रन पर समाप्त हुई। अगर दूसरे छोर से उन्हें थोड़ा और सहयोग मिलता तो मुकाबले का नतीजा अलग भी हो सकता था, लेकिन भारतीय टीम ने निर्णायक मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया।
अब गलतियों से सीखने पर जोर
हसन नवाज ने हालांकि साफ किया कि टीम लंबे समय तक हार को लेकर बैठ नहीं सकती। उनके मुताबिक क्रिकेट आगे बढ़ता रहता है और भविष्य में भी मुकाबले आते रहेंगे।उन्होंने कहा कि गलतियां खेल का हिस्सा हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण उनसे सीखना है। भारत को भविष्य में हराने के लिए पाकिस्तान को इन्हीं छोटी गलतियों को सुधारना होगा।
कुल मिलाकर एशियन गेम्स फाइनल में भारत से मिली 19 रन की हार पाकिस्तान के लिए अब भी टीस बनी हुई है। हसन नवाज की 96 रन की शानदार पारी भी टीम को गोल्ड नहीं दिला सकी। व्यक्तिगत रूप से शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उनका दर्द यही है कि पाकिस्तान वह मुकाबला जीतने की स्थिति में था, लेकिन कुछ छोटी गलतियों ने पूरा खेल बदल दिया। अब हसन और पाकिस्तानी टीम की नजर भविष्य के भारत-पाक मुकाबलों में इस हार का हिसाब बराबर करने पर होगी।