वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर मत जाइएगा. वो 15 साल के हैं मगर उनकी क्रिकेट की समझ किसी मंझे हुए क्रिकेटर से कम नहीं. उनकी बल्लेबाजी में तो ये झलक हम कई बार देख चुके हैं. अब अपनी कप्तानी के पहले इम्तिहान में भी वो बेमिसाल दिख रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में बतौर कप्तान एक ऐसा फैसला लिया, जिसे लेने के बाद दुनिया के अच्छे-अच्छे और नामचीन कप्तान भी गलत साबित हो जाते हैं. लेकिन, कप्तान वैभव का पहली बार लिया वो फैसला 16 आने सच साबित हुआ.
कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने लिया पहला DRS
वैभव सूर्यवंशी की कप्तानी का वो शानदार नजारा सेंट्रल जोन की पारी के 40वें ओवर में देखने को मिला. मुकेश कुमार के उस ओवर दूसरी गेंद पर कैच की जोरदार अपील हुई, जिसे फील्ड अंपायर ने नकार दिया. ऐसे में मुकेश कुमार ने उनकी ओर देखा. उन्होंने वैभव को इशारा किया कि उन्हें लगता है कि बल्ले का कुछ भाग गेंद में लगा है. अब फैसला वैभव को करना था. बतौर कप्तान उन्होंने अपने गेंदबाज पर भरोसा किया और जब 3 सेकंड बाकी रह गए थे, तब DRS लेने का फैसला किया.
DRS का फैसला सफल, मुकेश को मिला विकेट
ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे वैभव सूर्यवंशी का लिया पहला DRS सफल रहा और मुकेश कुमार को सेंट्रल जोन के ओपनर आर्यन जुयाल का विकेट मिल गया, जो कि 113 गेंदों में 46 रन बनाकर आउट हुए. जुयाल मैच में मुकेश का दूसरा शिकार बने.
वैभव सूर्यवंशी क्यों कर रहे ईस्ट जोन की कप्तानी?
वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन के उप-कप्तान बनाए गए हैं. लेकिन सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में रेग्यूलर कप्तान ईशान किशन के हाथ में चोट लगने के चलते वो उनकी जगह कार्यकारी कप्तान की भूमिका में है. ईशान किशन फिलहाल मैदान से बाहर हैं.