5 खिलाड़ी जिन्हें दोनों टीमों में नहीं मिल पाई जगह, एक का करियर तो खत्म होने की कगार पर

वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में नए चेहरों को मौका देने के चलते कई खिलाड़ियों को वाइट बॉल की टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी घरेलू वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए जब अपनी टीम की घोषणा की तो चयनकर्ताओं की नई रणनीति साफ दिखाई दी।

युवा खिलाड़ियों को आजमाने के चक्कर में कई ऐसे बड़े खिलाड़ियों की अनदेखी कर दी गई जो भारतीय टीम के मुख्य स्तंभ रहे हैं या घरेलू सत्र में लगातार टीम के दरवाजे खटखटा रहे थे। सेलेक्टर्स ने इस सीरीज से कुछ खिलाड़ियों को इग्नोर किया गया और ऐसे ही 5 खिलाड़ियों की बात हम आगे करने वाले हैं।मोहम्मद शमी

अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लंबे समय से टीम इंडिया के हर एक फॉर्मेट से बाहर रखा जा रहा है। लगातार डॉमेस्टिक क्रिकेट में कमाल का प्रदर्शन करने के बावजूद भी उनकी जगह प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज के साथ युवा तेज गेंदबाजों पर भरोसा जताया गया है।

ऋषभ पंत

विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को सीमित ओवरों की टीम से बाहर रखना सबसे चौंकाने वाला फैसला रहा। वनडे में ध्रुव जुरेल को बैकअप विकेटकीपर के तौर पर तरजीह दी गई, जबकि पंत को फॉर्म और लय हासिल करने के लिए ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है।

क्रुणाल पंड्या

ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या भी वनडे और टी20 दोनों ही टीमों में जगह बनाने में नाकाम रहे। अक्षर पटेल की एशियन गेम्स में व्यस्तता के बावजूद चयनकर्ताओं ने टीम में ऑलराउंडर विकल्प के रूप में रविंद्र जडेजा और नितीश कुमार रेड्डी को तरजीह दी।

भुवनेश्वर कुमार

स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से सीमित ओवरों के फॉर्मेट में वापसी की तलाश में हैं, लेकिन चयनकर्ता अब नई पीढ़ी के तेज गेंदबाजों की ओर देख रहे हैं। इस वजह से वेस्टइंडीज सीरीज में उनके नाम पर विचार नहीं किया गया।

रजत पाटीदार

आईपीएल 2026 और घरेलू सीमित ओवरों के मैचों में प्रभावी प्रदर्शन के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाज रजत पाटीदार को नजरअंदाज कर दिया गया। चयनकर्ताओं ने मध्यक्रम में नमन धीर जैसे नए विकल्पों को आजमाना बेहतर समझा।

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