भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा का शतक के लिए सालों से चला आ रहा इंतजार अब खत्म हो गया है. पिछले 12 सालों से टीम इंडिया के लिए खेल रहीं दीप्ति शर्मा ने अपने करियर में कई बेहतरीन पारियां खेलीं.
टीम इंडिया की पहली वर्ल्ड कप जीत की स्टार रहीं. मगर इतने सालों में सिर्फ 1 ही शतक उनके नाम था. अब पूरे 9 साल के इंतजार के बाद दीप्ति के खाते में दूसरा शतक जुड़ गया है. जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में दीप्ति ने 106 रन की बेहतरीन पारी खेली.
वडोदरा में भारत और जिम्बाब्वे के बीच महिला वनडे सीरीज के दूसरे मैच में भारतीय टीम पहले बैटिंग करने उतरी, जहां दीप्ति ने ये शतक जमाया. टीम इंडिया ने 3 विकेट जल्दी गंवा दिए थे, जिसके बाद प्रतिका रावल ने पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ पारी को संभाला. हरमनप्रीत ने 15 महीनों के बाद वनडे क्रिकेट में अपने करियर का 8वां शतक लगाया. इस दौरान दीप्ति ने उनका अच्छा साथ दिया. फिर हरमन के आउट होने के बाद दीप्ति ने अपना शतक पूरा किया.
तेज-तर्रार शतक से सालों का इंतजार खत्म
दीप्ति ने पहले 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और हरमनप्रीत के साथ 153 रन की साझेदारी की. फिर पारी के आखिरी ओवर में चौका जमाकर दीप्ति ने एक शानदार शतक जमाया. उनका ये शतक सिर्फ 83 गेंदों में आया, जो वनडे फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम के लिए पांचवां सबसे तेज शतक है. दीप्ति ने इसके बाद फिर एक चौका लगाया और सिर्फ 86 गेंदों में 106 रन की पारी खेलकर नाबाद लौटीं. अपनी पारी में दीप्ति ने 15 चौके लगाए. ये दीप्ति के इंटरनेशनल करियर का सिर्फ दूसरा ही शतक है.
दीप्ति शर्मा का ये शतक पूरे 3450 दिन यानि 9 साल से भी ज्यादा वक्त के लंबे अंतराल के बाद आया है. दीप्ति ने अपना पिछला शतक भी वनडे फॉर्मेट में ही लगाया था. उनका ये शतक 15 मई 2017 को साउथ अफ्रीका में आयरलैंड के खिलाफ आया था. तब उन्होंने 188 रन की पारी खेली थी और पूनम राउत के साथ 300 रन से ज्यादा की साझेदारी की थी, जो महिला क्रिकेट में अभी भी एक रिकॉर्ड है.
नंबर-6 पर आकर बनाया रिकॉर्ड
इतना ही नहीं, महिला वनडे क्रिकेट में नंबर 6 या उससे नीचे की पोजिशन पर आकर शतक जमाने वाली दीप्ति शर्मा पहली भारतीय क्रिकेटर बन गई हैं. उन्होंने इस मामले में ऋचा घोष का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने इस पोजिशन पर आकर 94 रन की सबसे बड़ी पारी खेली थी. घोष की ये पारी 2025 के वर्ल्ड कप में आई थी.