ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज विल पुकोवस्की ने पहले 27 साल की उम्र में संन्यास लेकर क्रिकेट फैंस को हैरान किया था. अब उन्होंने अपने स्कूल पर केस कर एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक पुकोवस्की ने एक लापरवाही के चलते स्कूल पर केस किया है. उनका आरोप है कि स्कूल ने पहली बार उनके कन्कशन पर ध्यान नहीं दिया था. इसी के चलते उन्हें आगे भी दिक्कत हुई.
कन्कशन के चलते ही उनका क्रिकेट करियर समाप्त हुआ. सिर, गर्दन या उसके आसपास के हिस्से में चोट लगने को कन्कशन कहा जाता है. यह खिलाड़ियों के लिए गंभीर स्थिति होती है, जिसमें जान जाने का भी खतरा होता है. पहली बार स्कूल (मेलबर्न का ब्राइटन ग्रामर स्कूल) में ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल के ट्रेनिंग सेशन के दौरान पुकोवस्की को कन्कशन हुआ था. यह वाकया 2014 का है, जब उनकी उम्र 16 साल थी.
सही इलाज नहीं मिलने का लगाया आरोप
पुकोवस्की ने आरोप लगाते हुए कहा कि कन्कशन के बाद स्कूल ने अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से नहीं निभाई थी. सिर पर चोट लगने के बाद पुकोवस्की बेहोश हो गए थे. लेकिन फिर भी उन्हें कुछ देर बाद ही दोबारा ट्रेनिंग करने की इजाजत दे दी गई थी.
स्कूल की घटना से बदली पुकोवस्की की जिंदगी
इस घटना के बाद पुकोवस्की को कुछ वक्त के लिए स्कूल से दूर रहना पड़ा था. वह पहले भी इस घटना को अपनी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ बता चुके हैं. पुकोवस्की ने बताया कि वह दोबारा कभी ठीक महसूस नहीं कर सके. अगले ही दिन उन्हें धुंधला दिखने लगा था. इसके चलते उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करना पड़ा था.
विल पुकोवस्की का करियर
एक वक्त पर पुकोवस्की को ऑस्ट्रेलिया का फ्यूचर माना जा रहा था, लेकिन करियर में 13 बार कन्कशन झेलने के बाद उन्हें मेडिकल पैनल की सलाह पर संन्यास लेना पड़ा. पुकोवस्की ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में सिर्फ 1 टेस्ट खेला. यह भारत के खिलाफ 2021 का टेस्ट था. मुकाबले की दोनों पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने क्रमश: 62 और 10 रन बनाए.