2027 वर्ल्ड कप चर्चा में धोनी का स्टैंड, रोहित-कोहली को लेकर कही बड़ी बात

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य पर चल रही चर्चाओं के बीच अपनी बेबाक राय रखी है. धोनी का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी को परखने का पैमाना उसकी उम्र नहीं, बल्कि उसकी फिटनेस और मौजूदा प्रदर्शन होना चाहिए.

उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ उम्र के आधार पर किसी अनुभवी खिलाड़ी पर सवाल उठाना सही नहीं है.

उम्र और फिटनेस पर क्या बोले धोनी?

एक कार्यक्रम के दौरान 44 वर्षीय धोनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए फिटनेस सबसे अहम शर्त है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई 22 साल का खिलाड़ी भी फिट नहीं है, तो उसे टीम में जगह नहीं मिलनी चाहिए. वहीं, अगर कोई 35 या उससे अधिक उम्र का खिलाड़ी पूरी तरह फिट है और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है तो उसकी उम्र कोई मायने नहीं रखती. धोनी के मुताबिक, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी अपने करियर को लेकर खुद फैसला करने में सक्षम हैं. यह तय करना कि वे अगला वर्ल्ड कप खेलेंगे या नहीं, किसी और का काम नहीं है.

धोनी ने कहा कि देश के लिए खेलने का जज्बा और मैदान पर निरंतर प्रदर्शन ही सबसे बड़े फैक्टर होने चाहिए. अगर कोई खिलाड़ी लगातार रन बना रहा है. टीम के लिए मैच जिता रहा है और फिटनेस के मानकों पर खरा उतरता है तो उसे टीम से बाहर करने का कोई कारण नहीं होना चाहिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि चयन में सभी खिलाड़ियों के लिए एक जैसा पैमाना होना चाहिए, चाहे वह युवा हो या अनुभवी.

अजीत अगरकर के बयान से बहस हुई थी शुरू

दरअसल, रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वर्ल्ड कप खेलने को लेकर बहस तब तेज हुई थी, जब मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने पिछले साल कहा था कि दोनों खिलाड़ी इस टूर्नामेंट को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर नहीं आते. उस समय यह भी चर्चा हुई थी कि 2027 में रोहित की उम्र 40 साल से ज्यादा और कोहली की उम्र करीब 39 साल होगी. इसके बाद उम्र को लेकर सवाल उठने लगे थे.

हालांकि, इन तमाम चर्चाओं के बीच रोहित और विराट ने अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दिया है. दोनों ने वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार पारियां खेलकर यह दिखाया है कि अनुभव, क्लास और मैच जिताने की क्षमता उम्र से कहीं ज्यादा मायने रखती है. धोनी ने भी टीम चयन में संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि टीम में युवा जोश और अनुभव का सही मिश्रण जरूरी है, लेकिन यह फिटनेस से समझौता करके नहीं होना चाहिए.

धोनी का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब भारतीय टीम 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी को लेकर नए सिरे से रणनीति बना रही है. उनके इस बयान को रोहित शर्मा और विराट कोहली के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जो यह साफ संकेत देता है कि सही खिलाड़ी वही है जो फिट है और मैदान पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है.

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