11वें टेस्ट में बुमराह ने रचा इतिहास, 5 विकेट लेकर वेस्टइंडीज को दिया कभी न भूलने वाला जख्म

ई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में 25 अगस्त का दिन जसप्रीत बुमराह के करियर के सबसे यादगार दिनों में गिना जाता है. साल 2019 में इसी दिन बुमराह ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटीगा टेस्ट में ऐसी घातक गेंदबाजी की थी, जिसने मेजबान टीम की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया था.

बुमराह ने दूसरी पारी में महज 7 रन देकर 5 विकेट झटके और भारत को 318 रन की विशाल जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इसी मैच में उन्होंने अपने टेस्ट करियर का एक बड़ा रिकॉर्ड भी बनाया और 11वें टेस्ट में 50 विकेट पूरे करने वाले सबसे तेज भारतीय तेज गेंदबाज बने.

25 अगस्त 2019 को एंटीगा के सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले टेस्ट का निर्णायक दिन था. वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. भारतीय टीम ने पहली पारी में 297 रन बनाए. इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 222 रन पर सिमट गई. भारत को पहली पारी के आधार पर बढ़त मिली और दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने मुकाबले पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया.

भारत ने अपनी दूसरी पारी 343 रन पर 7 विकेट के स्कोर पर घोषित कर दी और वेस्टइंडीज के सामने 419 रन का विशाल लक्ष्य रखा. अजिंक्य रहाणे ने शानदार शतक लगाया और 102 रन की पारी खेली, जबकि हनुमा विहारी ने 93 रन बनाए. भारत की इस मजबूत बल्लेबाजी ने वेस्टइंडीज को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया जहां उसके सामने मैच बचाने के लिए असाधारण प्रदर्शन की जरूरत थी.

लेकिन वेस्टइंडीज की दूसरी पारी शुरू होते ही भारतीय तेज गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि मेजबान बल्लेबाजों के पास संभलने का कोई मौका नहीं रहा. ईशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने नई गेंद से हमला बोला. वेस्टइंडीज के पांच विकेट महज 15 रन के स्कोर तक गिर चुके थे. इसके बाद बुमराह ने अपनी गति, स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से पूरी पारी को ध्वस्त कर दिया.

बुमराह ने केवल आठ ओवर गेंदबाजी की और इनमें से तीन ओवर मेडन रहे. उन्होंने 7 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए. उनकी गेंदबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पांचों विकेट में बल्लेबाजों के स्टंप बिखरते दिखाई दिए. उन्होंने क्रेग ब्रेथवेट, जॉन कैंपबेल, डैरेन ब्रावो, शाई होप और जेसन होल्डर को अपना शिकार बनाया. उनकी इस खतरनाक स्पेल ने वेस्टइंडीज की उम्मीदें पूरी तरह खत्म कर दीं.

बुमराह के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास था क्योंकि वह उस समय अपने टेस्ट करियर का 11वां मुकाबला खेल रहे थे. इसी मैच में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 50 विकेट पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे तेज भारतीय तेज गेंदबाज बने. उनके 50वें टेस्ट विकेट के साथ ही उनका नाम भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया.

वेस्टइंडीज की पूरी टीम दूसरी पारी में केवल 100 रन पर ऑलआउट हो गई. उसकी ओर से केवल केमार रोच और मिगुएल कमिंस ने आखिरी विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके हार को कुछ देर टालने की कोशिश की. लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने यह साझेदारी भी ज्यादा देर तक मुकाबला नहीं बचा सकी. ईशांत शर्मा ने अंतिम विकेट लेकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी.

भारत ने यह टेस्ट मैच 318 रन से जीतकर उस समय विदेश में रन के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी टेस्ट जीत दर्ज की थी. यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसी मुकाबले से भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अपने अभियान की शुरुआत की थी. भारत को इस जीत से 60 अंक मिले.

इस मुकाबले में बुमराह के अलावा ईशांत शर्मा का प्रदर्शन भी शानदार रहा. पहली पारी में ईशांत ने 5 विकेट लेकर वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पर दबाव बनाया था, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 3 विकेट लिए. मोहम्मद शमी ने भी दो विकेट हासिल किए. इस तरह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण ने पूरे मुकाबले में वेस्टइंडीज को लगातार परेशान किया.

हालांकि मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार अजिंक्य रहाणे को मिला. रहाणे ने पहली पारी में 81 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में शानदार 102 रन की पारी खेली. उनके शतक ने भारत को दूसरी पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की. भारत ने 343 रन पर पारी घोषित कर वेस्टइंडीज को 419 रन का लक्ष्य दिया, जिसे हासिल करना मेजबान टीम के लिए लगभग असंभव साबित हुआ.

बुमराह की उस स्पेल की खासियत केवल पांच विकेट लेना नहीं थी, बल्कि जिस अंदाज में उन्होंने विकेट हासिल किए, वह भी लंबे समय तक चर्चा में रहा. उनकी गेंदें कभी अंदर आतीं तो कभी बाहर निकलतीं. बल्लेबाज यह समझ ही नहीं पा रहे थे कि अगली गेंद किस दिशा में जाएगी. उनकी सटीकता का आलम यह था कि उन्होंने शाई होप और जेसन होल्डर को भी बोल्ड करके पवेलियन भेजा.

उस मुकाबले में बुमराह ने साबित कर दिया था कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी पहचान केवल तेज गेंदबाज के रूप में नहीं बल्कि मैच का रुख अकेले बदल देने वाले गेंदबाज के रूप में भी है. 5 विकेट के लिए 7 रन का आंकड़ा उनके टेस्ट करियर की सबसे चर्चित गेंदबाजी उपलब्धियों में शामिल रहा. उस प्रदर्शन को विजडन ने भी 2019 की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट गेंदबाजी स्पेल में शीर्ष स्थान दिया था.

वेस्टइंडीज के लिए यह मुकाबला बेहद निराशाजनक रहा. पहली पारी में 222 रन बनाने के बाद टीम को दूसरी पारी में केवल 100 रन पर सिमटना पड़ा. भारत ने 318 रन की जीत के साथ दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की.

25 अगस्त की वह तारीख इसलिए भी यादगार बन गई क्योंकि इसी दिन बुमराह ने अपने टेस्ट करियर के शुरुआती दौर में ही दुनिया को बता दिया था कि वह लंबे प्रारूप में भी कितने घातक साबित हो सकते हैं. 11वें टेस्ट में 50 विकेट पूरे करना, केवल 7 रन देकर पांच विकेट लेना और भारत को 318 रन की ऐतिहासिक विदेशी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाना-इन तीनों उपलब्धियों ने उस दिन को उनके करियर के खास अध्याय में बदल दिया.

आज जब बुमराह को दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है, तो एंटीगा की वह 25 अगस्त 2019 वाली शाम उनके सफर की उन यादगार घटनाओं में शामिल है, जिसने उनकी टेस्ट गेंदबाजी की ताकत को पूरी दुनिया के सामने स्थापित किया. वेस्टइंडीज की 100 रन की पारी और बुमराह के 5 विकेट आज भी उस मुकाबले की सबसे बड़ी तस्वीर बने हुए हैं.

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